
हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर इजरायल की एयर स्ट्राइक, आग के गोले में तब्दील हुआ ऑयल डिपो और पावर स्टेशन, 3 की मौत
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इजरायल ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए यमन के हुदैदाह बंदरगाह के पास एयर स्ट्राइक की जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई है जबकि 87 लोग घायल बताए जा रहे हैं. यह हमला तेल अवीव में किए गए हूती विद्रोहियों के हमले के बाद किया गया है.
इजरायली लड़ाकू विमानों ने शनिवार को यमन के हुदैदाह बंदरगाह के पास हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 87 लोग घायल हुए हैं. यह हमला ईरान समर्थित समूह हूती द्वारा इजराइल के आर्थिक केंद्र तेल अवीव पर किए गए ड्रोन हमले के एक दिन बाद हुआ.
यमन के हूती गुट द्वारा संचालित मुख्य टेलीविजन समाचार आउटलेट अल-मसीरा टीवी ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि तेल भंडारण और एक बिजली स्टेशन को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों में अधिकांश घायल गंभीर रूप से जल गए. हुदैदाह ने रॉयटर्स को फोन पर बताया कि भीषण बमबारी के दौरान पूरे शहर में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और अल-मसीरा टीवी ने कहा कि नागरिक सुरक्षा बल और फायर ब्रिगेड बंदरगाह के तेल टैंकों में लगी आग को बुझाने की कोशिश करते हुए दिखे.
F-15 लड़ाकू विमानों से की एयर स्ट्राइक
इजरायल के सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि हूती विद्रोदियों ने ईरान से हथियारों की खेप प्राप्त करने के लिए बंदरगाह का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा कि लक्ष्य, इज़राइल से 1,700 किमी (1,056 मील) से अधिक दूर हैं, जिनमें ऊर्जा अवसंरचना जैसे दोहरे उपयोग वाले स्थल शामिल हैं.
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इजरायल ने हमले से पहले सहयोगियों को सूचित किया था, जिसके बारे में सेना ने बताया कि हमला इजरायली F-15 लड़ाकू विमानों द्वारा किया गया था जो हमले को अंजाम देने के बाद सुरक्षित वापस लौट आए. वहीं हूती विद्रोहियों की सर्वोच्च राजनीतिक परिषद ने कहा कि हमलों का "प्रभावी जवाब" दिया जाएगा. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि हूती "इज़रायली दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला करने में संकोच नहीं करेंगे."

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