
स्वीडन ने बंद किया पाकिस्तान में अपना दूतावास, क्या है वजह?
AajTak
स्वीडन ने पाकिस्तान में अपने दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है. दूतावास बंद करने के पीछे सुरक्षा कारणों को बताया गया है. दूतावास की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है.
यूरोपीय देश स्वीडन ने पाकिस्तान में अपने दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है. दूतावास की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के ताजा हालात को देखते हुए सुरक्षा कारणों से दूतावास को बंद किया जा रहा है.
बयान में इस्लामाबाद स्थित स्वीडन के दूतावास ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है.
स्वीडन के दूतावास के बंद होने से प्रवासी पाकिस्तानी और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिन छात्रों ने स्वीडन में अगस्त के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के लिए अपना नामांकन कराया है, वो अपनी फीस का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं.
ARY न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद स्थित दूतावास बंद होने के कारण विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी अपने परिवार वालों को कॉल नहीं कर पा रहे हैं. राजनयिक सूत्रों ने बताया है कि आमतौर पर स्वीडिश वीजा जारी करने में 4 से 6 महीने का वक्त लग जाता है.
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इस मुद्दे को लेकर स्वीडन के दूतावास से संपर्क किया गया है. प्रवासी पाकिस्तानियों और छात्रों ने अपनी समस्या की जानकारी विदेश मंत्रालय के सचिव असद मजीद खान को दी है.
राजनयिक सूत्रों ने दूतावास को दोबारा खोले जाने के सवाल पर कहा है कि वो फिलहाल दूतावास को खोले जाने को लेकर कुछ नहीं कह सकते.

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.







