
सुशीला कार्की पर फाइनल मुहर के लिए मीटिंग जारी, नेपाल हिंसा में अब तक 51 मौतें
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नेपाल में जेन-ज़ी आंदोलन से भड़की हिंसा के बाद अब तक 51 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों नागरिक घायल हुए है. सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ आंदोलन भ्रष्टाचार विरोधी विद्रोह में बदल गया. प्रोटेस्ट बढ़ने के बाद ओली सरकार गिर गई. भारत ने स्पेशल फ्लाइट्स से अपने नागरिकों की वापसी शुरू की है.
नेपाल के अंदर कई दिनों से चल रहे जेन-ज़ी हिंसक भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बाद शुक्रवार को नेपाल में तनावपूर्ण शांति बनी रही. इन प्रदर्शनों में 51 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों नागरिक घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि मृतकों में गाजियाबाद की एक भारतीय महिला और तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं.
वहीं, जेल से भागे और भारत-नेपाल सीमा पर गिरफ्तार किए गए कैदियों की संख्या 67 तक पहुंच गई है. इस बीच, केपी शर्मा ओली सरकार गिरने के बाद नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने की संभावना है.
आंदोलन में शामिल नेताओं के बीच गुटबाजी की वजह से उनकी नियुक्ति रुकी हुई है, और एक दूसरे समूह ने शीर्ष पद के लिए नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व प्रमुख कुलमन घीसिंग के नाम का प्रस्ताव रखा है.
सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ प्रोटेस्ट हिंसा में बदला
सोशल मीडिया पर बैन के बाद शुरू हुआ प्रोटेस्ट जल्द ही भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में बदल गया. आखिरकार, ओली को इस्तीफा देना पड़ा. जन आक्रोश इतना बढ़ गया कि न सिर्फ मंत्रियों के घरों में तोड़फोड़ और आग लगा दी गई, बल्कि संसद को भी आग के हवाले कर दिया गया.
जेन-ज़ी प्रोटेस्ट से जुड़े बड़े अपडेट्स

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