
सी-फूड या कपड़े ही नहीं, नॉर्थ कोरिया की एक्सपोर्ट लिस्ट में हैं गुलाम भी, इन देशों को सप्लाई किए जा रहे बंधुआ मजदूर
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उत्तर कोरिया अपने नागरिकों को न केवल देश में गुलाम बनाकर रखता है, बल्कि किसी सामान की तरह कथित तौर उनका एक्सपोर्ट भी करता है. ये गुलाम विदेशों में काम करते हैं, जिसके बदले मिलने वाली सैलरी का बड़ा हिस्सा किम जोंग सरकार को चला जाता है. हाल में आए ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स की रिपोर्ट भी इसी तरफ इशारा करती है, जिसके मुताबिक इस देश में सबसे ज्यादा गुलाम हैं.
ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स 2023 में उन देशों की लिस्ट बनाई गई, जहां मॉडर्न गुलाम रहते हैं. ये ऐसे लोग हैं, जिनके काम के कोई घंटे नहीं होते, न ही कोई पक्की तनख्वाह होती है. इंडेक्स की मानें तो दुनियाभर में लगभग 5 करोड़ लोग फिलहाल स्लेव की तरह जी रहे हैं. इसमें नॉर्थ कोरिया टॉप पर है, जहां हजार में से 104.6 लोग गुलाम हैं, यानी हर 10 में से एक शख्स गुलामी कर रहा है.
इन देशों में भी हैं मॉडर्न स्लेव
उत्तर कोरिया के बाद एरिट्रिया और मॉरीतानिया का नंबर है. मॉरीतानिया अफ्रीकी देश है, जहां अस्सी के दशक में ही स्लेवरी को गैरकानूनी माना गया. इनके बाद यूएई, कुवैत और सऊदी अरब का भी नंबर है. बेहद धनवान इन देशों के अपने नागरिक बढ़िया हालातों में रह रहे हैं, लेकिन बाहर से जा रहे मजदूरों को यहां गुलाम की तरह रखा जाता है.
मजदूरों को निर्यात कर रहा देश
नॉर्थ कोरिया में स्लेवरी की हालत ऐसी है कि वो अपने देश में ही लोगों का शोषण नहीं करता, बल्कि सस्ते मजदूर बनाकर उनका एक्सपोर्ट भी करता है. सबसे पहले साल 2016 में डेटाबेस सेंटर फॉर नॉर्थ कोरियन ह्यूमन राइट्स ने इसका खुलासा किया. इससे पहले कई देशों में मजदूरों की अमानवीय हालातों में मौत हुई थी, जिसके बाद जांच हुई. उसने बताया कि 50 हजार से ज्यादा कोरियाई मजदूर रूस भेजे गए, जहां से वे भारी रकम कमाकर सरकारी खजाना भर रहे हैं.
नागरिक बनाए जा रहे कमोडिटी

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