
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे गिरफ्तार! 1.7 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
AajTak
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में सीआईडी ने गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी उनकी एक निजी विदेश यात्रा से जुड़ी जांच के दौरान हुई. विक्रमसिंघे पर आरोप है कि उन्होंने लगभग 1.7 करोड़ रुपये सरकारी धन का निजी उपयोग किया.
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को शुक्रवार को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ्तार कर लिया. उन्हें सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था. और इसी बीच उनकी गिरफ्तारी की खबर आ रही है.
विक्रमसिंघे के खिलाफ चल रही जांच 22 और 23 सितंबर 2023 को हुई एक निजी विदेश यात्रा से संबंधित है. इस यात्रा में पूर्व राष्ट्रपति कथित तौर पर दस लोगों के साथ गए थे.
सूत्रों के अनुसार, विक्रमसिंघे दस लोगों के साथ लंदन में एक यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए ब्रिटेन गए थे. आरोप है कि विक्रमसिंघे को यात्रा निजी थी लेकिन इसमें लगभग 1.7 करोड़ रुपये के सरकारी पैसे का इस्तेमाल किया गया.
श्रीलंका की सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है और विक्रमसिंघे से पहले राष्ट्रपति के पूर्व सचिव समन एकनायके और विक्रमसिंघे के कार्यकाल के दौरान उनकी निजी सचिव रहीं सैंड्रा परेरा के बयान दर्ज किए थे.
सूत्रों ने बताया कि विक्रमसिंघे को मंगलवार को सीआईडी से फोन आया था जिसके बाद उन्होंने अपने वकीलों के जरिए बताया कि वो शुक्रवार को सीआईडी के सामने पेश होंगे. आज वो जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए और उनका बयान दर्ज किया गया.
बताया जा रहा है कि सीआईडी विक्रमसिंघे के बयान को आगे की कार्रवाई के लिए अटॉर्नी जनरल के विभाग को भेज देगी.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.

तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.







