
शेख हसीना को मौत की सजा क्या सिर्फ बहाना... भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे मोहम्मद यूनुस और आसिम मुनीर?
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शेख हसीना के तख्तापलट के बाद, बांग्लादेश और पाकिस्तान जो एक दूसरे के कट्टर दुश्मन थे अब गलबहियां कर रहे हैं. पाकिस्तान ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर डोरे डालना शुरू कर दिए हैं, क्योंकि उसे बांग्लादेश के कंधे पर बंदूक रखकर भारत पर निशाना साधना है. और मोहम्मद यूनुस इस झांसे मेंं आ गए.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वहां की इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई है. क्या यह बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार और पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के बीच भारत के खिलाफ किसी बहुत बड़ी प्लानिंग का हिस्सा? क्योंकि शेख हसीना को भारत ने पनाह दे रखी है. क्यों बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पाकिस्तान समेत दुनियाभर के मौलाना जुटे हुए हैं? आइए जानते हैं....
करीब-करीब साढे़ 15 महीने बाद, बांग्लादेश एक बार फिर से सुलग उठा है. बांग्लादेश में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं. सड़कों पर आगजनी हो रही है. एक तरफ मोहम्मद यूनुस की फौज सड़कों पर है, तो दूसरी तरफ शेख हसीना के समर्थक राजधानी ढाका की सड़कों पर उतर आए हैं. इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल में शेख हसीना के खिलाफ जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, उनके समर्थकों ने यूनुस सरकार के खिलाफ यलगार छेड़ दी. ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और हत्याओं का मास्टरमाइंड बताया और उन्हें मौत की सजा सुनाई. 17 नवंबर को उनकी शादी की सालगिरह भी होती है.
बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को 5 मामलों में आरोपी बनाया है. उन पर जो 5 आरोप तय हुए हैं, उनमें- हत्याओं का आदेश देना, भड़काऊ भाषण देकर हिंसा कराना, न्याय में बाधा डालना और सबूत मिटाने की कोशिश, छात्र अबु सईद की हत्या का आदेश देना और चांखारपुल में 5 लोगों की हत्या कराकर उनकी लाशें जलाना शामिल हैं. आईसीटी ने शेख हसीना को आरोप 1, 2 और 3 में दोषी करार दिया और पहले दो आरोपों में मौत की सजा सुना दी.
जब इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल में शेख हसीना की मौत की सजा का फैसला लिखा जा रहा था, यूनुस सरकार नया गेम करती है. हसीना के समर्थकों की आवाज दबाने के लिए अंतरिम सरकार ने प्रदर्शनकारियों का एक और धड़ा खड़ा कर दिया. ये धड़ा शेख हसीना के लिए फांसी की सजा की मांग करता है, और बुलडोजर लेकर शेख हसीना के पिता, शेख मुजीबुर्रहमान के घर यानी उनके मेमोरियल बिल्डिंग पर धावा बोलता है. और बाकायदा प्रदर्शनकारियों के इस धड़े को, यूनुस सरकार की तरफ से, पुलिस सुरक्षा तक दी जाती है.
बता दें कि 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद, शेख हसीना और वहां के पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने देश छोड़ दिया था. दोनों नेता पिछले 15 महीने से भारत में रह रहे हैं. शेख हसीना के खिलाफ 453 पेज का जजमेंट लिखते हुए, इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूपल ने उन्हें मौत की सजा सुनाई. सरकारी वकील ने दलील दी कि शेख हसीना ने प्रधानमंत्री रहते हुए बीते साल जुलाई और अगस्त के दौरान 1,400 लोगों की हत्या कराई. बांग्लादेश में सरकारी वकील ने कहा कि इन मौतों की जिम्मेदार शेख हसीना हैं. शेख हसीना मौत की सजा के खिलाफ 30 दिन के अंदर सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सकती हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें पहले बांग्लादेश लौटकर गिरफ्तारी या सरेंडर करना होगा.
पूर्व राजनयिक शोक सज्जनार के मुताबिक, 'बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल में जो जज शामिल हैं, वे सभी मोहम्मद यूनुस के द्वारा ही चुने गए हैं, और ये वही करेंगे जो वह चाहेंगे. शेख हसीना ने पहले भी कहा था कि जो हुआ बहुत ट्रैजिक था, और उन्हें उसपर पछतावा है. लेकिन इसमें कोई भी ऐसा सबूत नहीं पेश किया गया है, जिसमें स्थापित हो कि शेख हसीना ने हत्या के आदेश दिये थे.' अब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के कार्यालय से बयान जारी करके कहा गया है, 'भारत और बांग्लादेश के बीच जो प्रत्यर्पण संधि है, उसके मुताबिक ये भारत की जिम्मेदारी बनती है कि वो शेख हसीना को बांग्लादेश के हवाले करे.' भारत की तरफ से भी जवाब दे दिया गया है.

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