
व्हाइट हाउस में बराक ओबामा, जो बाइडेन को 'उपराष्ट्रपति' बोलकर सबको चौंकाया, फिर...
AajTak
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पिछली बार 20 जनवरी 2017 को व्हाइट हाउस में थे. जब वह अपने उत्तराधिकारी डोनाल्ड ट्रंप को वहां छोड़ने गए थे.
जो बाइडेन के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) पहली बार व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति कार्यालय पहुंचे. व्हाइट हाउस में बराक ओबामा ने जो बाइडन (Joe biden) के साथ अपने अफोर्डेबल केयर एक्ट (एसीए) के पारित होने का जश्न मनाया.
जश्न के बाद दोनों नेता लंबे समय तक एक-दूसरे से बातचीत करते हुए नजर आए. अफोर्डेबल केयर एक्ट के पारित होने की घोषणा के बाद बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बराक ओबामा ने जो बाइडेन को 'उपराष्ट्रपति' कहकर संबोधित किया. बराक ओबामा द्वारा जो बाइडेन के उपराष्ट्रपति कहकर संबोधित किए जाने के बाद वहां पर मौजूद सभी लोग चौंक गए.
क्यों कहा बराक ओबामा ने जो बाइडेन को उपराष्ट्रपति?
हालांकि कुछ देर बाद ही दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बराक ओबामा ने बाइडेन को गले लगाया और कहा उन्होंने मजाक किया था. दरअसल जब बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब बाइडेन उपराष्ट्रपति का कार्यभार संभाल रहे थे.
घट रही है बाइडेन की लोकप्रियता
ओबामा का व्हाइट हाउस का दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अधिनियम पारित होने के समय ओबामा के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यरत बाइडेन की लोकप्रियता में गिरावट देखी जा रही है. बाइडेन की लोकप्रियता में यह गिरावट मध्यावधि चुनावों से पहले हो रही है, यह चुनाव अमेरिकी हाउस और सीनेट के स्वरूप का निर्धारण करेगा. फिलहाल दोनों सदनों पर बहुत कम अंतर से डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण है.

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.









