
लेबनान से हिजबुल्लाह ने फिर दागे रॉकेट, इजरायल के रक्षा मंत्री बोले- अगर वह युद्ध चाहता है तो...
AajTak
इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि इजरायल को उत्तरी मोर्चे पर युद्ध छेड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है और उनका देश सीमा पर स्थिति को वैसे ही बनाए रखेगा. साथ ही कहा कि अगर हिजबुल्लाह युद्ध का रास्ता चुनता है, तो उसे बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
इजरायल इन दिनों कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा है. हमास के साथ ही लेबनान का आतंकी संगठन हिजबुल्लाह इजरायल पर हमले कर रहा है. इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने बताया कि लेबनान से इजरायली क्षेत्र में 9 रॉकेट दागे गए हैं. IDF ने कहा कि हमारे एरियल डिफेंस सिस्टम आरे (Array) ने 5 रॉकेटों को इंटरसेप्ट कर लिया है. साथ ही कहा गया है कि हम हमलों का जवाब दे रहे हैं. इसके लिए IDF ने लेबनान में लॉन्चसाइट पर हमले किए. हालांकि इजराइल के रक्षामंत्री योव गैलेंट ने कहा कि हमें हिजबुल्लाह के साथ युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है. इजरायल-हमास जंग के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन सोमवार को फिर से इजरायल के दौरे पर जाएंगे. ब्लिंकन ने 5 दिन पहले ही इजरायल का दौरा किया था
इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि इजरायल को उत्तरी मोर्चे पर युद्ध छेड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है और उनका देश सीमा पर स्थिति को वैसे ही बनाए रखेगा. साथ ही कहा कि अगर हिजबुल्लाह युद्ध का रास्ता चुनता है, तो उसे बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. बहुत भारी. लेकिन अगर वह खुद को नियंत्रित करता है, तो हम इसका सम्मान करेंगे और स्थिति को वैसे ही बनाए रखेंगे. उनका ये बयान लेबनान के इलाके से हमले के बाद आया है.
इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि लेबनान से इजरायली के क्षेत्र में 9 रॉकेट दागे गए हैं. लेकिन इनमें से 5 को तबाह कर दिया गया है. सेना ने कहा कि अब हम लेबनान के उस हिस्से पर हमला कर रहे हैं जहां से हम पर अटैक किया जा रहा है. ये हमला साउथ लेबनान की ओर से किया गया था. लेबनान के हिजबुल्लाह ने भी कहा कि उसने मिसाइलों से इज़राइल के हनीटा में बैरक को निशाना बनाया और कहा कि इसने "दुश्मन रैंक" को हताहत किया है.
उधर, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि गाजा में मरने वालों की संख्या 2,450 तक पहुंच गई है. गाजा में इजरायली गोलाबारी और हवाई हमलों में कम से कम 2,450 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. जबकि 9,200 लोग घायल हो गए हैं. वहीं, इजराइल पर हमास के हमलों में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इज़रायल में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ताल हेनरिक ने बताया कि इस अटैक में 1,400 से अधिक लोग मारे गए, जबकि 120 से अधिक लोगों को हमास के आतंकवादियों ने बंधक बना लिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि मैंने इजरायल पर हमास के हमले की निंदा करने के लिए फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष अब्बास से बात की. साथ ही दोहराया कि हमास फिलिस्तीनी लोगों के सम्मान और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए नहीं खड़ा है. साथ ही मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि हम गाजा में नागरिकों तक मानवीय आपूर्ति सुनिश्चित करने और संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.








