
रूस-यूक्रेन की जंग की वजह से तुर्की पर आने वाला है बड़ा संकट, अरब देशों में भी हलचल
AajTak
Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध का असर मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के देशों पर पड़ रहा है. ये देश अपना सबसे अधिक गेंहू रूस और यूक्रेन से ही खरीदते हैं. युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है और कीमतें बढ़ी हैं. इन क्षेत्रों में कई देश पहले से ही मंदी और सूखे की मार झेल रहे हैं, युद्ध ने और बड़ा संकट पैदा कर दिया है.
विश्व में गेहूं के दो मुख्य उत्पादकों रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के देशों में गेहूं की भारी कमी हो गई है. भारत और चीन के बाद सबसे अधिक गेहूं की उपज रूस में होती है और रूस विश्व में गेहूं का सबसे बड़ा निर्यातक है.

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.









