
रूस का शुरू किया 'जुलाई स्टॉर्म' अभ्यास, अमेरिका-नाटो को दी चुनौती, देखें
AajTak
रूस ने 'जुलाई स्टॉर्म' नाम से एक बड़ा नौसैनिक अभ्यास शुरू किया है. यह अभ्यास 23 जुलाई से 27 जुलाई तक चलेगा और इसमें रूस की समुद्री शक्ति का व्यापक प्रदर्शन किया जा रहा है. यह अभ्यास प्रशांत, आर्कटिक, बाल्टिक और कैस्पियन सागरों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है. इसमें कुल मिलाकर 150 से अधिक रूसी युद्धपोत, 120 सैन्य विमान और 15,000 से अधिक नौसैनिक भाग ले रहे हैं.

मैं श्वेता सिंह सीधे युद्ध भूमि से आपको महायुद्ध के बीसवें दिन की खबर बता रही हूं. कल ईरान की गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के बाद लगातार चार खाड़ी देश के ऑयल-गैस डिपो-रिफाइनरी पर बड़ा हमला ईरान ने कर दिया है. ईरान ने सऊदी अरामको और यूएई के टर्मिनल के अलावा कतर के सबसे बड़े गैस टू लिक्वड प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमला कर दिया. कतर के इस प्लांट से दुनिया को 20 से 25 प्रतिशत गैस की सप्लाई होती है. वहीं सऊदी अरब के यनबू पोर्ट पर स्थित सैमरेफ ऑयल रिफाइनरी पर हवाई हमला हुआ है.

अमेरिकी अधिकारियों के वॉशिंगटन आर्मी बेस के ऊपर कुछ अनजान ड्रोन देखे जाने बाद वहां हड़कंप मच गया है. इसी बेस पर विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं. अभी तक ये पता नहीं लग पाया है कि ये ड्रोन कहां से आए थे. इसके बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. इस पर व्हाइट हाउस में एक बैठक भी हुई है, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई है कि इन हालातों से कैसे निपटा जाए.

ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में गैस फील्ड पर हमले की धमकी दी थी. जिसके बाद अब बहरीन के नेचुरल गैस रिफाइनरी पर ईरान ने हमला कर दिया है. बहरीन और सऊदी के बॉर्डर के पास बनी गैस फैसिलिटी पर ईरान ने मिसाइल दागी है. यह हमला इतना खतरनाक था का इसका असर बहरीन और सऊदी को जोड़ने वाले किंग फहाद पुल पर भी पड़ा है. पुल भी डैमेज हो गया है.










