
'राष्ट्रपति की रेस छोड़ दें, नहीं तो...', बाइडेन के सबसे बड़े समर्थक फिल्म स्टार ने की अपील
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन 81 साल के हैं और दूसरी बार राष्ट्रपति पद की रेस में हैं. हालांकि, उनकी अगुवाई वाली पार्टी डेमोक्रेट के कई नेता उनकी उम्मीदवारी से नाखुश हैं. वे राष्ट्रपति से अपनी उम्मीदवारी छोड़ने की अपील कर रहे हैं. अब बाइडेन के सबसे बड़े समर्थक फिल्म स्टार ने भी उनसे उम्मीदवारी किसी और नेता को सौंपने की अपील की.
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति जो बाइडेन की उम्मीदवारी पर अब उनके सबसे बड़े समर्थक फिल्म स्टार जॉर्ज क्लूनी ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने बाइडेन से अपनी दावेदारी छोड़ने और राष्ट्रपति पद के लिए किसी और नेता को नामित करने की अपील की है. क्लूनी ने अपने एक लेख में कहा कि उन्हें बाइडेन पसंद हैं, लेकिन अगर उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर पार्टी कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में भी अपना नियंत्रण खो देगी.
फिल्म स्टार क्लूनी ने अपने लेख में लिखा, "यह सिर्फ मेरी राय नहीं है. यह हर सीनेटर और कांग्रेस सदस्य और गवर्नर की राय है जिनसे मैंने निजी तौर पर बात की है." क्लूनी के बयान को इस तरह नहीं देखा जा सकता कि वह बाइडेन के विरोधी हो सकते हैं, जहां उन्होंने पिछले महीने ही राष्ट्रपति के लिए 30 मिलियन डॉलर के हॉलिवुड फंडरेजर की मेजबानी की थी.
यह भी पढ़ें: 'भारत अवसरवादी...', रूस से न्यूक्लियर प्लांट और हथियारों से जुड़ी डील पर अमेरिका में ऐसी चर्चा
डेमोक्रेट को अपना उम्मीदवार बदलने की सलाह
क्लूनी ने तर्क दिया कि पार्टी को अगले महीने अपने सम्मेलन में राष्ट्रपति पद के लिए एक नया उम्मीदवार चुनना चाहिए. क्लूनी ने अपने लेख में जो बाइडेन की उम्र पर बात की, जो अब 81 साल के हैं. मसलन, उनका कहना था कि पिछले साल की तुलना में उन्होंने बाइडेन में कई फर्क देखे हैं, खासतौर पर लॉस एंजिल्स के एक कार्यक्रम में, जहां बाइडेन के बारे में कहा जाता है कि वह थके हुए लग रहे थे.
बाइडेन के करीबी भी कर रहे उम्मीदवार बदलने की अपील

मैं श्वेता सिंह सीधे युद्ध भूमि से आपको महायुद्ध के बीसवें दिन की खबर बता रही हूं. कल ईरान की गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के बाद लगातार चार खाड़ी देश के ऑयल-गैस डिपो-रिफाइनरी पर बड़ा हमला ईरान ने कर दिया है. ईरान ने सऊदी अरामको और यूएई के टर्मिनल के अलावा कतर के सबसे बड़े गैस टू लिक्वड प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमला कर दिया. कतर के इस प्लांट से दुनिया को 20 से 25 प्रतिशत गैस की सप्लाई होती है. वहीं सऊदी अरब के यनबू पोर्ट पर स्थित सैमरेफ ऑयल रिफाइनरी पर हवाई हमला हुआ है.

अमेरिकी अधिकारियों के वॉशिंगटन आर्मी बेस के ऊपर कुछ अनजान ड्रोन देखे जाने बाद वहां हड़कंप मच गया है. इसी बेस पर विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं. अभी तक ये पता नहीं लग पाया है कि ये ड्रोन कहां से आए थे. इसके बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. इस पर व्हाइट हाउस में एक बैठक भी हुई है, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई है कि इन हालातों से कैसे निपटा जाए.

ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में गैस फील्ड पर हमले की धमकी दी थी. जिसके बाद अब बहरीन के नेचुरल गैस रिफाइनरी पर ईरान ने हमला कर दिया है. बहरीन और सऊदी के बॉर्डर के पास बनी गैस फैसिलिटी पर ईरान ने मिसाइल दागी है. यह हमला इतना खतरनाक था का इसका असर बहरीन और सऊदी को जोड़ने वाले किंग फहाद पुल पर भी पड़ा है. पुल भी डैमेज हो गया है.










