
राणा सांगा पर आगरा में संग्राम तेज, रामजी लाल की माफी पर अड़ी करणी सेना, पुलिस की जबरदस्त नाकाबंदी
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पुलिस किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए कमर कस चुकी है. एडीसीपी संजीव त्यागी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है और अब तक 1300 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), आठ कंपनी पीएसी और बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान और अधिकारी सभा स्थल से लेकर सुमन के घर तक के पूरे रूट पर तैनात किए गए हैं.
उत्तर प्रदेश के आगरा में आज शनिवार को करणी सेना की प्रस्तावित 'स्वाभिमान रैली' को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. राणा सांगा जयंती पर आयोजित यह जनसभा एतमादपुर क्षेत्र के गढ़ी रामी गांव में हो रही है. समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान के बाद से बवाल मचा हुआ है. करणी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर सपा सांसद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो उनके आवास की ओर मार्च किया जाएगा.
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने चेतावनी दी है कि अगर शाम 5 बजे तक सपा सांसद रामजी लाल सुमन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगरा में उनके आवास तक मार्च करेंगे. करणी सेना की रैली में शामिल होने के लिए शुक्रवार रात से ही अलग-अलग जिले और शहरों से लोग पहुंचने शुरू हो गए. इस रैली के लिए लगभग 50,000 स्क्वायर मीटर के खेत को समतल कर सभा स्थल में तब्दील किया गया है और हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है. केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल भी करणी सेना की रैली में शामिल होने आगरा पहुंचे हैं.
'मेरी जान को खतरा'
इस बीच सपा के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि हर किसी को विरोध की आजादी है, देश में विरोध करने का भी तरीका है. लेकिन करणी सेना ने जो तरीका अपनाया है, वह अराजकता का तरीका है. मेरा विचार है, यह मेरे ऊपर नहीं बल्कि PDA पर हमला हुआ है.
उन्होंने कहा कि मुझे और मेरे परिवार को जान-माल का खतरा था, इसलिए मैंने राज्यसभा के उपसभापति को सुरक्षा के लिए पत्र लिख कर दिया था. पुलिस प्रशासन को लगता है कि मेरी हत्या हो सकती है, इसलिए सुरक्षा रखी है.
हिंसा रोकने के लिए पुलिस ने कसी कमर

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