
'यूक्रेन डोनेट्स्क छोड़ दे... रूसी सेना आगे नहीं बढ़ेगी', पुतिन ने ट्रंप से भिजवाया प्रस्ताव, जेलेंस्की बोले- कतई मंजूर नहीं
AajTak
डोनेट्स्क रीजन 2014 से काफी हद तक रूस के नियंत्रण में है. रूस वर्तमान में यूक्रेनी क्षेत्र के लगभग 20% हिस्से पर कब्जा किए हुए है, जिसमें डोनेट्स्क प्रांत का अधिकांश हिस्सा शामिल है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन के मुद्दे पर हुई अपनी बैठक को भले ही सकारात्मक बताया हो, लेकिन इस मसले का फिलहाल कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने ट्रंप के साथ बातचीत में प्रस्ताव दिया था कि अगर यूक्रेन डोनेट्स्क पर रूस को पूर्ण नियंत्रण सौंपता है, तो वह अपनी सेना को अन्य मोर्चों पर आगे बढ़ने से रोक सकते हैं.
रॉयटर्स ने बताया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अलास्का बैठक के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति और अन्य यूरोपीय देशों के नेताओं को फोन करके पुतिन के प्रस्ताव की जानकारी दी थी. अलास्का में पुतिन के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन को रूस के साथ शांति समझौते पर सहमत होना चाहिए.
उन्होंने कहा था कि रूस एक बहुत बड़ी शक्ति है और यूक्रेन उसके सामने उतना ताकतवर नहीं है. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण की शुरुआत के बाद से अलास्का में अमेरिका और रूस के राष्ट्राध्यक्षों के बीच पहली बार मुलाकात हुई, जो करीब तीन घंटे तक चली. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने जेलेंस्की को बताया कि पुतिन के प्रस्ताव में यह भी शामिल था कि अगर यूक्रेन डोनेट्स्क से हट जाता है, तो रूस यूक्रेन के अन्य हिस्सों में अपनी कार्रवाई रोक देगा.
यह भी पढ़ें: 'पुतिन 1-0 से आगे रहे...', अलास्का में ट्रंप संग मीटिंग से क्यों निराश दिख रहे यूरोपीय नेता
डोनेट्स्क के काफी हिस्से पर रूस का नियंत्रण
डोनेट्स्क रीजन 2014 से काफी हद तक रूस के नियंत्रण में है. रूस वर्तमान में यूक्रेनी क्षेत्र के लगभग 20% हिस्से पर कब्जा किए हुए है, जिसमें डोनेट्स्क प्रांत का अधिकांश हिस्सा शामिल है. ट्रंप ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह और पुतिन इस बात पर सहमत हुए हैं कि किसी भी शांति समझौते को बिना पूर्व युद्धविराम के आगे बढ़ना चाहिए, जो यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों की लंबे समय से मांग थी. ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'सभी ने तय किया कि रूस और यूक्रेन के बीच भयावह युद्ध को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका एक शांति समझौता है, न कि महज युद्धविराम, जो अक्सर टिकता नहीं.'

इजरायल में ईरान हमले के बड़े-बड़े दावे करता आ रहा है. लगातार दो दिन ईरान उन मिसाइल से हमले का दावा कर रहा है, जिनसे अब तक नहीं किया था. लेकिन क्या ईरान जिन मिसाइल से हमले का दावा करके बड़ी तबाही की तस्वीर पूरी दुनिया को बताकर अपनी ताकत दिखाना चाहता है, वो हकीकत नहीं है. देखें तेल अवीव से श्वेता सिंह की ये ग्राउंड रिपोर्ट.

ईरान के सैन्य ठिकानों पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले जारी है. ताजा मामले में IDF ने IRGC के नौसेना के हेडक्वार्टर पर एयर स्ट्राइक की है. हमले के बाद नौसेना का मुख्यालय पूरी तरह से तबाह हो गया. IDF ने हमले का वीडियो भी जारी किया है. यह मुख्यालय ईरानी शासन के एक विशाल सैन्य परिसर के भीतर स्थित था और इसका उपयोग वर्षों से वरिष्ठ नौसेना कमांडरों द्वारा इजरायल राज्य और मध्य पूर्व के अन्य देशों के खिलाफ परिचालन गतिविधियों का प्रबंधन करने और समुद्री आतंकवादी अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता रहा था.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान के काबुल पर एयर स्ट्राइक की. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. इस बर्बर कांड के बाद काबुल में आंसू और मातम पसरा हुआ है कलेजे को चीर देने वाली तस्वीर देखिए.

इराक की राजधानी बगदाद में ताजा हमला हुआ है. इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, आज सुबह बगदाद में तीन हमले हुए हैं. एक हमला अमेरिकी दूतावास पर किया गया है. अमेरिकी दूतावास को ड्रोन और रॉकेट से निशाना बनाया है. बगदाद के ग्रीन ज़ोन में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक रॉकेट और कई ड्रोन दूतावास पर दागे गए. लेकिन समय रहते अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम C-RAM सक्रिय हो गया और कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. इधर अफगानिस्तान के आरोपों पर पाकिस्तान ने इनकार किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि काबुल में किसी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया.








