
मैं बहुत डरी हुई हूं, आपको भी डरना चाहिए, ऐसा क्यों बोलीं अमेरिका की ताकतवर भारतवंशी महिला
AajTak
कमला हैरिस ने एबीसी के एक शो 'द व्यू' के दौरान आगामी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की संभावित जीत को लेकर बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा की चिंताओं पर बात की.
अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का एक बड़ा बयान सामने आया है. आयोवा कॉकस के नतीजों में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत को लेकर हैरिस ने कहा है कि वह बेहद डरी हुई हैं.
कमला हैरिस ने एबीसी के एक शो 'द व्यू' के दौरान आगामी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की संभावित जीत को लेकर बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा की चिंताओं पर बात की.
हैरिस से जब ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं बेहद डरी हुई हूं इस वजह से मैं देशभर की यात्रा कर रही हूं. हम सभी को डरना चाहिए.
उन्होंने कहा कि एक पुरानी कहावत है कि चुनाव लड़ने के सिर्फ दो ही तरीके होते हैं, या तो बिना विरोधी के लड़ो या फिर डरकर लड़ो. इस वजह से हम सभी को डरना चाहिए लेकिन जैसा कि हमें पता है कि हम सशक्त हैं इशलिए हम डरकर भागेंगे नहीं. हम मुकाबला करेंगे.
हैरिस ने डेमोक्रेटस से अनुरोध करते हुए कहा कि उन्हें और राष्ट्रपति जो बाइडेन को एक बार फिर चुनकर सत्ता में बैठाएं. उन्होंने कहा कि हमें दोबारा जीतना होगा. यह बहुत बड़ी चुनौती होगी. लेकिन हमने बेहतरीन काम किया है, हमें लोगों तक पहुंचकर उन्हें बताना होगा कि अच्छा काम क्या है.
कैसे आयोवा कॉकस के नतीजे?

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को तीन हफ्ते पूरे हो चुके हैं. अमेरिका और इजरायल ईरान को नेस्तनाबूद करने के बयान जारी कर रहे हैं. वहीं, ईरान और आक्रामक होकर अमेरिकी बेसों पर हमले कर रहा है. उसने 4000 किलोमीटर दूर अमेरिका और ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी हैं. देखें युद्धभूमि से 'वॉर रूम'.

ईरान जंग के बीच इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' का पूरी दुनिया में चर्चा है. ये एजेंसी दुश्मन के देश में घुसकर उसकी सोच, ताकत और भविष्य को खत्म कर देती है. ईरान युद्ध में पहली मिसाइल फायर होने से काफी पहले सी 'मोसाद' ने इसकी तैयारी रच ली थी. आखिर 'मोसाद' कितना अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय है? देखें ये शो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.










