
मास्टरमाइंड सिकंदर ने कैसे हैंग किया NEET परीक्षा का सिस्टम, पढ़ें पेपर लीक के 7 आरोपियों का कुबूलनामा
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NEET paper leaked confession: NEET पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों समेत 7 आरोपियों ने बताया कि कैसे परीक्षा से पहले 'मास्टरमाइंड' से मुलाकात हुई और फिर परीक्षा से एक दिन पहले क्वेश्चन पेपर दिया गया व रटवाया गया. आरोपियों के कुबूलनामे में कई बातें सामने आई हैं.
अंडरग्रेजुएट मेडिकल एट्रेंस टेस्ट यानी NEET UG में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ अभ्यर्थी भी शामिल हैं. अब तक की जांच में सिकंदर प्रसाद यादवेंदु (बिहार के दानापुर नगर परिषद में जेई है) नीट पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. पकड़े गए सात अभ्यर्थियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि कैसे सिकंदर ने नीट के पेपर में सेंधमारी करके पूरा घोटाला किया. यहां हम आपको इन आरोपियों के हूबहू वही बयान दे रहे हैं जो उन्होंने पुलिस को शपथनामे के साथ दिए हैं.
आरोपियों का कुबूलनामा इस प्रकार है-
नीट अभ्यर्थी शिवनंदन कुमार (उम्र 19 वर्ष)
पता - हरैया, थाना-बाराचट्टी, जिला-गया
मैं अपना सफाई का बयान बिना भय एवं दबाव, बिना लोभ लालच के शास्त्रीनगर थाने पर दरोगा के समक्ष दे रहा हूं. सिकंदर प्र० यादवेन्दु से मेरा परिवारिक संबंध हैं और सिकंदर अंकल ने बताया कि नीट की परीक्षा की तिथि जारी हो गई, परीक्षा 05.05.24 को होने वाली है. इसी क्रम में मैं पटना बुद्धा कॉलोनी में ही रहकर तैयारी करता था. अंकल ने कहा कि दिनांक 04.05.24 को शाम में आ जाओ, मैं अंकल के पास पहुंचा. अंकल ने मुझे अमित आनन्द और नीतिश के पास पहुंचा दिया जहां पर नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर सामग्री के साथ पढ़वाया और रटवाया गया. मैं अपने परीक्षा सेंटर पाटलीपुत्रा कॉलोनी इंटरनेशनल स्कूल में था. वहां पहुंच कर मैंने अपनी परीक्षा पाली के अनुसार दी. परीक्षा के बाद मुझे पुलिस ने पकड़ लिया. परीक्षा में प्रश्न पत्र एवं उत्तर सामग्री सही-सही मिल गया. परीक्षा के बाद अचानक पुलिस आई और मुझे पकड़ लिया. मैंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.
अभ्यर्थी अभिषेक कुमार (उम्र 21 वर्ष)

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