
महारानी एलिजाबेथ के निधन के बाद दुनिया भर के देशों के लोग करने लगे तगादा
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ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के निधन के बाद सोशल मीडिया पर शोक संदेशों के बीच एक अजीब ट्रेंड भी देखने को मिला है. दरअसल, काफी लोग अब उन चीजों की वापसी की मांग कर रहे हैं, जिन्हें उन गुलाम देशों से लूटा गया था, जहां कभी ब्रिटिश राज हुआ करता था. इन चीजों में बेशकीमती कोहिनूर हीरा भी शामिल है.
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन का पूरी दुनिया में शोक मनाया जा रहा है. उनके बाद ब्रिटेन की राजशाही की गद्दी पर उनके बेटे 73 वर्षीय किंग चार्ल्स विराजमान हो गए हैं. हालांकि, जहां लोग एक तरफ दुख मना रहे थे तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर काफी यूजर्स ऐसे भी हैं, जो महारानी के निधन के बाद उन बेशकीमती चीजों की मांग कर रहे हैं, जिन्हें ब्रिटिश राज के समय भारत समेत कई अन्य देशों से कब्जे में ले लिया गया था. इन्हीं चीजों में कोहिनूर हीरा भी शामिल है, जिसको लेकर भारत में दशकों से चर्चा भी होती आई है.
कोहिनूर को लेकर सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि साल 1950 में इसे क्वीन विक्टोरिया को सौंपा गया था जो अब शाही क्राउन में जड़ा हुआ. क्राउन को टावर ऑफ लंदन में रखा गया है. खास बात है कि सिर्फ कोहिनूर ही नहीं बल्कि कई ऐसी अमूल्य चीजें हैं, जिन्हें लेकर दावा किया जा रहा है कि इन्हें उन देशों से चुरा लिया गया, जिन पर ब्रिटिश राज रहा है. भारत के अलावा, ग्रीस, मिस्र और अफ्रीकी देशों के लोग भी अपनी कीमती चीजों को लौटाए जाने की मांग कर रहे हैं.
टीपू सुल्तान की अंगूठी टीपू सुल्तान की बेशकीमती अंगूठी को लेकर कहा जाता है कि ब्रिटिश सेना ने टीपू सुल्तान को युद्ध में हराने के बाद, उनके शव से इस अंगूठी को चुरा लिया था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा है कि उस अंगूठी को ब्रिटेन में एक नीलामी के दौरान बेच दिया गया. उसे खरीदने वाले का कभी कुछ पता नहीं चल पाया है.
एल्गिन मार्बल ( पार्थेनन पत्थर) मीडिया रिपोर्ट्स और इतिहास में दर्ज जानकारी की मानें तो साल 1803 में लॉर्ड एल्गिन ने ग्रीस की ऐतिहासिक दीवार से पार्थेनन पत्थरों को हटवाकर लंदन भिजवा दिए थे. इसी के बाद इन पत्थरों को एल्गिन मार्बल भी कहा जाने लगा. साल 1925 से ग्रीस अपने कीमती पत्थरों को वापस मांग रहा है, लेकिन अभी तक इन पत्थरों को ब्रिटिश म्यूजियम में ही रखा गया है.
रोसेटा स्टोन मिस्र के कई एक्टिविस्ट और पुरातत्वविद रोसेटा स्टोन की मांग कर चुके हैं. वर्तमान में रोसेटा स्टोन को भी ब्रिटिश म्यूजियम में रखा गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिस्र के कई पुरातत्वविदों का दावा है कि रोसेटा स्टोन को ब्रिटेन ने चुराया था. ये स्टोन 196 बीसी से पहले के हैं. इतिहासकारों की मानें तो साल 1800 में फ्रांस से युद्ध जीतने के बाद ब्रिटेन ने यह स्टोन लूट लिया था.
ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका डायमंड ब्रिटिश राज के कब्जे में शामिल बेशकीमती चीजों में एक नाम ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका डायमंड का भी है. इसे विश्व का सबसे लंबा हीरा कहा जाता है जो 530 कैरेट का है. आज के समय में इसकी कीमत करीब 400 मिलियन यूएस डॉलर है. बताया जाता है कि साल 1905 में अफ्रीका की किसी खदान से मिला था, जिसे किंग एडवर्ड VII के सामने पेश किया गया था.

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