
महबूबा मुफ्ती ने जलाए ट्रंप-नेतन्याहू के पोस्टर, कहा- जम्मू-कश्मरी के लोग ईरान के साथ
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ईरान पर हुए हमलों के विरोध में बुधवार को श्रीनगर में जमकर प्रदर्शन हुआ. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार को पुराने रिश्तों की याद दिलाते हुए सवाल उठाया कि आखिर भारत इस हमले पर खामोश क्यों है?
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले को लेकर जम्मू-कश्मीर की सियासत अभी भी गरमाई हुई है. पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बीते दिन, यानी बुधवार को श्रीनगर की सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायली पीएम के पोस्टर जलाए, बल्कि भारत सरकार की चुप्पी पर भी तीखे सवाल खड़े किए. महबूबा ने याद दिलाया कि जब परमाणु परीक्षण के वक्त पूरी दुनिया भारत के खिलाफ थी, तब ईरान ने ही हमारा साथ निभाया था.
'मुश्किल वक्त में ईरान ने दिया था साथ'
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में महबूबा मुफ्ती ने पुराने रिश्तों की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के संबंध हमेशा से बहुत मजबूत रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि जब भारत ने परमाणु परीक्षण किया था और दुनिया के कई देशों ने हम पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे, तब केवल ईरान ही ऐसा देश था जिसने खुलकर भारत का साथ दिया था.
महबूबा मुफ्ती ने कहा "उस मुश्किल वक्त में ईरान ने न सिर्फ भारत को तेल दिया, बल्कि पैसों के भुगतान के लिए भी कभी दबाव नहीं बनाया और बाद में पैसे लिए. आज जब उसी ईरान पर हमला हुआ है, तो भारत की ओर से न तो इसकी निंदा की गई और न ही वहां के लोगों के प्रति संवेदना जताई गई. एक लोकतांत्रिक देश होने के नाते भारत का यह रवैया समझ से परे है." उन्होंने दुख जताया कि जम्मू-कश्मीर का स्थानीय नेतृत्व भी इस मुद्दे पर पूरी तरह खामोश है.
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ट्रंप और नेतन्याहू को बताया 'जंग का गुनहगार'

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