
नीतीश कुमार को लेकर JDU नेताओं गुस्सा क्या 'ऑपरेशन लोटस' पर है?
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नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर जैसे ही आई, और जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच कर जेडीयू कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे. नीतीश कुमार के समर्थकों के निशाने पर जेडीयू के ही दो नेता हैं, जिन्हें वे विलेन बताने लगे हैं.
क्या नीतीश कुमार भी आखिरकार ऑपरेशन लोटस के शिकार हो गए? जो आशंका बिहार में पहले लोग दबी जुबान जता रहे थे, जेडीयू कार्यकर्ता खुलकर ऐसी बातें बोलने लगे हैं - लेकिन, तब जब बाजी नीतीश कुमार के हाथ से निकल चुकी है.
जेडीयू कार्यकर्ता नीतीश कुमार के दिल्ली कूच करने में विभीषण जैसे किरदारों की भूमिका मान रहे हैं. और, उनके मुताबिक ये कोई और नहीं बल्कि जेडीयू के ही बड़े-बड़े नेता हैं. ऑपरेशन लोटस नाम भले ही नए दौर का हो, लेकिन रामायण काल के किरदार विभीषण से जुड़ा हुआ है. ऑपरेशन लोटस तभी सफल हो सकता है, जब विभीषण जैसे किरदार का भरपूर सहयोग और समर्थन हासिल हो. विभीषण, लंका के राजा रावण के भाई थे, जो राम भक्त थे और भाई के खिलाफ काम कर रहे थे.
कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा ने जिस रणनीति के इस्तेमाल से पहली बार बीजेपी की सरकार बनवाई, उसे बाद में ऑपरेशन लोटस नाम दे दिया गया. कर्नाटक के अलावा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी ऑपरेशन लोटस का राजनीतिक चमत्कार देखा जा चुका है - और जेडीयू कार्यकर्ता बिहार को ताजा मिसाल मान रहे हैं.
बिहार में ऑपरेशन लोटस का आरोप
सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने में दिलचस्पी दिखाने वाली पोस्ट के आते ही मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जेडीयू कार्यकर्ताओं के निशाने पर सबसे ऊपर अपने ही दो नेता थे - एक संजय कुमार झा, और दूसरे ललन सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह.
जेडीयू कार्यकर्ताओं ने अपने ही नेताओं पर नीतीश कुमार के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगा रहे हैं. जेडीयू कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि नीतीश कुमार को बिहार में सत्ता की कमान छोड़ने के लिए जबरन मनाया गया. नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर देने के बाद कुछ बातें तो साफ हो गई हैं, लेकिन कई चीजें अब भी बुरी तरह उलझी हुई लगती हैं. जैसे नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना पक्का हो गया है, उनके बेटे निशांत कुमार का नई सरकार में शामिल होना भी तय माना जा रहा है. संभवतः डिप्टी सीएम के रूप में. यह भी साफ हो चुका है कि मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा, लेकिन कौन अभी ये नहीं साफ हो पाया है. रेस में तो डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से लेकर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय तक हैं.

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