
'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' का लोगो-टैगलाइन जारी, राहुल बोले- न्याय का हक मिलने तक जारी रहेगी यात्रा
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अपने X पोस्ट में राहुल ने लिखा- हम फिर आ रहे हैं अपनों के बीच, अन्याय और अहंकार के विरुद्ध- न्याय की ललकार लेकर. सत्य के इस पथ पर मेरी शपथ है, यात्रा जारी रहेगी, न्याय का हक, मिलने तक'. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 67 दिनों में 6700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा', जो 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू होने वाली है, देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित होगी. पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. उन्होंने भारत जोड़ो न्याय यात्रा का लोगो और टैगलाइन 'न्याय का हक मिलने तक' भी लॉन्च किया.
इस बीच राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर यात्रा के लोगो और टैगलाइन के साथ एक वीडियो पोस्ट किया. अपने पोस्ट के कैप्शन में राहुल ने लिखा, 'हम फिर आ रहे हैं अपनों के बीच, अन्याय और अहंकार के विरुद्ध- न्याय की ललकार लेकर. सत्य के इस पथ पर मेरी शपथ है, यात्रा जारी रहेगी, न्याय का हक, मिलने तक'. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 67 दिनों में 6700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी.
हम फिर आ रहे हैं अपनों के बीच, अन्याय और अहंकार के विरुद्ध - ‘न्याय की ललकार’ लेकर। सत्य के इस पथ पर मेरी शपथ है, यात्रा जारी रहेगी, न्याय का हक़, मिलने तक।#BharatJodoNyayYatra pic.twitter.com/BB1owjC37v
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हम 14 जनवरी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करने जा रहे हैं. राहुल गांधी के नेतृत्व में यह यात्रा मणिपुर के इंफाल से शुरू होगी और मुंबई में समाप्त होने से पहले देश के 15 राज्यों से होकर गुजरेगी. यह यात्रा 110 जिलों, 100 लोकसभा सीटों और 337 विधानसभा सीटों को कवर करेगी'. इस यात्रा के रूट में अब अरुणाचल प्रदेश को भी शामिल किया गया है.
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने दावा किया था कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा राजनीति के लिए राहुल गांधी की कन्याकुमारी से कश्मीर तक की 'भारत जोड़ो यात्रा' जितनी ही परिवर्तनकारी साबित होगी. बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा पिछले साल 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और 30 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में लाल चौक पर इसका समापन हुआ था. यह यात्रा 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंची थी और इस दौरान राहुल गांधी ने 4000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की.

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