
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का क्या होगा अंजाम? बता रहे हैं जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट फरीद जकारिया
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भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई जारी है. इस तनाव को लेकर वरिष्ठ पत्रकार फरीद जकारिया ने कहा है कि जब दो परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसी देशों के बीच इस तरह का तनाव बढ़ता है, तो यह हमेशा खतरनाक होता है. जकारिया ने कहा है कि भारत एक संतुलित रुख अपनाने की कोशिश कर रहा है, और उम्मीद करनी चाहिए कि पाकिस्तान किसी बिंदु पर समझ जाएगा कि यह ऐसा संघर्ष नहीं है जिसे वे जीत सकते हैं.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान लगातार भारत पर हमले की कोशिश कर रहा है. शुक्रवार-शनिवार की रात जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन से हमले की कोशिश की, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया है. दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव पर जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट फरीद जकारिया ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की.
सवाल- भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते दुनिया भर में चिंताएं बढ़ गई हैं, इससे आगे क्या होगा?
जकारिया- जब दो परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसी देशों के बीच इस तरह का तनाव बढ़ता है, तो यह हमेशा खतरनाक होता है. यह स्थिति खास तौर पर चिंताजनक है, क्योंकि यह पिछले 25 सालों के पैटर्न से अलग है, जब से भारत और पाकिस्तान ने परमाणु हथियार विकसित किए हैं, तब से दोनों देश तनाव को नियंत्रित करने और उसे कम करने की कोशिश करते रहे हैं. दोनों पक्षों को पता है कि तनाव बढ़ने से स्थिति अनियंत्रित हो सकती है. इसलिए, हमेशा एक व्यवस्थित प्रक्रिया के जरिए इन झगड़ों को संभाला जाता था, लेकिन इस बार ऐसा होता नहीं दिख रहा.
सवाल: अमेरिका दक्षिण एशिया के संदर्भ में वैश्विक पुलिस की भूमिका निभाने से हिचकिचा रहा है, तो भारत किसकी ओर देख रहा है?
फरीद जकारिया: यह न सिर्फ दक्षिण एशिया के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ा सवाल है, क्योंकि अगर अमेरिका नहीं है, तो विकल्प क्या हैं- संयुक्त राष्ट्र? भारत का संयुक्त राष्ट्र को शामिल करने के खिलाफ एक लंबा इतिहास रहा है, चीन बेशक, पाकिस्तान पर उनका प्रभाव है, लेकिन भारत चीन पर मध्यस्थ के रूप में भरोसा नहीं करेगा. यूरोपीय संघ? वे वास्तव में एक एकीकृत ताकत नहीं हैं और न ही उनके पास मजबूत भू-राजनीतिक या सैन्य मौजूदगी है. यह एक ऐसी दुनिया है जहां अमेरिका की भूमिका कम हो रही है, जिसकी मुझे चिंता थी. आप इसे दक्षिण एशिया में देख रहे हैं. इसका मतलब है कि संघर्ष के अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ रहा है.
मैं वास्तविकता की ओर लौटता हूं. भारत एक बड़ा, अधिक शक्तिशाली और समृद्ध देश है, और उसे इस संघर्ष में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है. भारत एक संतुलित रुख अपनाने की कोशिश कर रहा है, और उम्मीद करनी चाहिए कि पाकिस्तान किसी बिंदु पर समझ जाएगा कि यह ऐसा संघर्ष नहीं है जिसे वे जीत सकते हैं.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

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तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

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