
भारतीय-अमेरिकी जय भट्टाचार्य बने NIH के निदेशक, मेडिकल साइंस में इनोवेश को देंगे बढ़ावा
AajTak
जय स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हेल्थ पॉलिसी के प्रोफेसर हैं, नेशनल ब्यूरो ऑफ इकनॉमिक्स रिसर्च में एक रिसर्चर एसोसिएट हैं और स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर इकनॉमिक पॉलिसी रिसर्च, स्टैनफोर्ड फ्रीमैन स्पोगली इंस्टीट्यूट और हूवर इंस्टीट्यूशन में एक वरिष्ठ फेलो हैं. वह स्टैनफोर्ड के सेंटर फॉर डेमोग्राफी एंड इकोनॉमिक्स ऑफ हेल्थ एंड एजिंग को निर्देशित करते हैं.
भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक जय भट्टाचार्य को अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) का नया निदेशक नियुक्त किया गया है. अमेरिका की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान और वित्तपोषण संस्थाओं में से एक NIH के निदेशक पद के लिए अमेरिकी सीनेट ने 53-47 वोटों से उनके नाम की पुष्टि की. यह जानकारी अमेरिकी सीनेट की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई.
कौन हैं जय भट्टाचार्य?
जय स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हेल्थ पॉलिसी के प्रोफेसर हैं, नेशनल ब्यूरो ऑफ इकनॉमिक्स रिसर्च में एक रिसर्चर एसोसिएट हैं और स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर इकनॉमिक पॉलिसी रिसर्च, स्टैनफोर्ड फ्रीमैन स्पोगली इंस्टीट्यूट और हूवर इंस्टीट्यूशन में एक वरिष्ठ फेलो हैं. वह स्टैनफोर्ड के सेंटर फॉर डेमोग्राफी एंड इकोनॉमिक्स ऑफ हेल्थ एंड एजिंग को निर्देशित करते हैं.
उन्होंने चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति पर महत्वपूर्ण शोध किए हैं. भट्टाचार्य ने COVID-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य नीतियों पर अपने विश्लेषण और वैकल्पिक रणनीतियों के लिए वैश्विक स्तर पर चर्चा बटोरी थी. उनकी रिसर्च कमजोर आबादी के हेल्थ और कल्याण पर फोकस है, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों, बायो मेडिकल इनोवेशन और इकोनॉमिक्स की भूमिका पर जोर दिया गया है.
मेडिकल साइंस में इनोवेश को देंगे बढ़ावा
वह अक्टूबर 2020 में प्रस्तावित लॉकडाउन के एक विकल्प के रूप में 'ग्रेट बेंटेन' घोषणा के एक सह-लेखक हैं. उनके सहकर्मी-समीक्षा अनुसंधान को अर्थशास्त्र, सांख्यिकी, कानूनी, चिकित्सा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य नीति पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया है.

इजरायल पर ईरान के हमले जारी हैं. ईरान ने ऐसे ही एक हमले का वीडियो जारी किया है. ये वीडियो तेल अवीव पर मिसाइल दागने का बताया जा रहा है. इजरायल की एम्बुलेंस सर्विस की मानें तो ईरानी मिसाइल हमलों में इजरायल में 16 लोग मारे गए हैं. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में ईरानी मिसाइल हमले में 4 फिलिस्तीनी महिलाओं की मौत हो गई.

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.








