
'भाई सनी देओल के बेटों को नहीं मिला नेपोटिज्म का फायदा', आखिर क्यों बोले बॉबी देओल?
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बॉबी देओल ने नेपोटिज्म पर अपनी बात रखते हुए साफ कहा है कि नेपोटिज्म से हर किसी को फायदा नहीं होता है. एक्टर ने अपने भाई सनी देओल के दोनों बेटों करण और राजवीर का उदाहरण देते हुए ये बात समझाई है.
बॉलीवुड की देओल फैमिली को फैंस ने काफी प्यार दिया है. धर्मेंद से लेकर उनके दोनों बेटे सनी और बॉबी देओल, फैंस के बीच बहुत पॉपुलर हैं. उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाती हैं. साल 2023 देओल फैमिली के लिए करियर का बेस्ट साल साबित हुआ था. लेकिन इनकी अगली पीढ़ी यानी सनी देओल के दोनों बेटों करण और राजवीर को फैंस का प्यार नहीं मिला.
नेपोटिज्म पर क्या बोले बॉबी देओल?
हिंदी सिनेमा में अक्सर नेपोटिज्म को लेकर तीखी बहस छिड़ती रहती है. हर कोई ये मानता है कि अगर एक स्टार पर्दे पर हिट है, तो उसका बेटा/बेटी भी बाद में हिट होगा. नेपो किड्स या स्टार किड्स से यही उम्मीद रखी जाती है कि वो अपने परिवार की तरह ही पॉपुलर बनें. हालांकि ये सबकुछ हर किसी के साथ नहीं हो पाता है.
अब नेपोटिज्म पर बॉबी देओल ने अपनी राय सामने रखी है. एबीपी को दिए इंटरव्यू में एक्टर ने अपने बेटे आर्यमन देओल के डेब्यू पर बात करते हुए कहा, 'मैं अपने बेटे को लॉन्च नहीं करने वाला. लेकिन मैं किसी का इंतजार कर रहा हूं जो उसके लिए एक अच्छी स्क्रिप्ट लेकर मेरे पास आए. हम लोग इंतजार कर रहे हैं और मैंने अपने बेटे से कह दिया है कि तुम्हें तब तक बहुत मेहनत करनी पड़ेगी, क्योंकि वक्त बदल चुका है. जब मैंने शुरू किया था, तब आपको खुद को साबित करने और बेहतर होने के मौके मिलते थे.'
'मैं मानता हूं कि मेरा बेटा होने से या धर्मेंद्र का पोता होने से उसको फायदा मिल सकता है. लेकिन उसके बाद तो उसे खुद ही अपने आप को साबित करना पड़ेगा. कितने सारे एक्टर्स हैं जिनके बच्चे फिल्मों में आए हैं और सफल नहीं हुए. आमतौर पर, आउटसाइडर्स ही हैं जो सफल हुए हैं. मेरे पापा आउटसाइडर थे और मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं उनका बेटा हूं. लेकिन अंत में आपका काम ही आपके बारे में बात करता है.'
भाई सनी के बेटों करण-राजवीर को लेकर क्या बोले बॉबी?













