
भरतपुर की दिल दहला देनी वाली घटना का सच आया सामने, सगे बड़े भाई को 8 बार ट्रैक्टर से कुचलने वाले का कुबूलनामा
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भरतपुर के बयाना में ट्रैक्टर से 8 बार अपने भाई को कुचलकर मार डालने वाले दामोदर सिंह गुर्जर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. दामोदर ने कहा कि जो कुछ हुआ वो गलती से हुआ. उसने जब ट्रैक्टर स्टार्ट करके चलाया तो उसके नीचे उसका बड़ा भाई निरपत सिंह आ गया. इससे निरपत की मौत हो गई.
राजस्थान के भरतपुर में ट्रैक्टर से अपने ही भाई को 8 बार कुचलकर मार डालने वाले दामोदर सिंह गुर्जर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. दामोदर का कहना है कि उसने जानबूझकर अपने भाई को नहीं मारा. जब वे लोग लड़ाई करके वापस लौट रहे थे तो उनका ट्रैक्टर वहीं खड़ा था. उसने ट्रैक्टर स्टार्ट करके चलाया तो उसका बड़ा भाई निरपत सिंह उसी ट्रैक्टर की चपेट में आ गया. उसे इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं थी कि ट्रैक्टर के नीचे उसका भाई है. उससे जो कुछ भी हुआ गलती से हुआ.
वहीं, विरोधी पक्ष यानि बहादुर सिंह गुर्जर का कहना है कि उन लोगों का इस हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है. उन्हें फंसाने के लिए जानबूझकर दामोदर ने अपने भाई को मारा है. बहादुर गुर्जर की मानें तो 23 अक्टूबर की सुबह अतर सिंह गुर्जर का परिवार उनके घर आ धमका. इस दौरान उनके घर में खूब हंगामा हुआ. लड़ाई के बाद अतर सिंह गुर्जर का परिवार फिर वहां से चला गया.
बहादुर सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य उस समय वहां मौजूद नहीं है. यह सब सोची समझी साजिश है. दामोदर ने अपने भाई को सिर्फ इसलिए मार डाला ताकि हमें फंसा सके. लेकिन वीडियो से सब साफ हो गया है कि उस दौरान हम में से कोई भी वहां मौजूद नहीं है. फिलहाल पुलिस दामोदर से इस मामले में पूछताछ कर रही है. 6 लोगों को पहले ही हिरासत में लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
बुधवार को बयाना थाना इलाके से एक ऐसा वीडियो सामने आया था, जिसने पूरे देश के रोंगटे खड़े कर दिए. खेतों के पास एक शख्स को बेरहमी से एक दो बार नहीं, बल्कि 8 बार कुचला गया. उसके ऊपर तब तक ट्रैक्टर चलाया गया जब तक कि शख्स ने दम नहीं तोड़ दिया. हैरत की बात ये थी कि उस समय वहां न जाने कितने ही लोग मौजूद थे. वे उस शख्स को बचा सकते थे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. वे सब तो बस वीडियो बनाने में लगे हुए थे.
शख्स की मौत हो गई तो पुलिस वहां आ पहुंची. पता चला मरने वाले का नाम निरपत सिंह गुर्जर था. वह 30 साल का था. पुलिस ने तुरंत उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. जांच शुरू हुई तो एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. पुलिस के मुताबिक, गांव में बहादुर सिंह गुर्जर अपने परिवार के साथ रहता है. उसके साथ निरपत पुत्र अतर सिंह गुर्जर के परिवार का जमीन को लेकर काफी समय से झगड़ा चल रहा था.

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