
बॉस ने महिला को 'मोटी', 'वेश्या' जैसे शब्द कहे, कोर्ट ने दिया ये फैसला
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महिला को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने के एक मामले में कोर्ट ने बॉस के खिलाफ फैसला दिया है. एक महिला ने अपने खिलाफ हुए उत्पीड़न को लेकर आवाज उठाई थी और कोर्ट तक चली गई थी. इसके बाद उसके बॉस को हर्जाना भरने को कहा गया. लेकिन केस हारते ही बॉस पाकिस्तान भाग गया.
कपड़े की दुकान में काम करने वाली एक महिला को मुआवजे के तौर पर करीब 19 लाख रुपये मिलेंगे. ये पैसे उसे उसके बॉस को देने पड़ेंगे. दरअसल महिला को उसके बॉस ने दो ऐसे शब्द कहे थे, जो बेहद अपमानजनक हैं. पीड़ित महिला का नाम आयशा जमान है. उन्हें उनके बॉस शहजाद यूनुस ने 'मोटी' और 'वेश्या' कह दिया था. इसके बाद वह कोर्ट चली गईं. मामले में आयशा को जीत मिली और यूनुस को हर्जाना भरने को कहा गया.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि मामले में हार मिलने के बाद यूनुस ने कंपनी को बेच दिया और पाकिस्तान भाग गया. ये मामला स्कॉटलैंड का है. उसने आयशा से कहा था कि उन्हें बीते साल अक्टूबर में हुई सुनवाई के बाद पैसा मिल जाएगा, लेकिन अभी तक नहीं मिला है. यूनुस ने आयशा को 'मोटी' कहते हुए कहा था कि उसे अपने ऑफिस में 'पतली और स्मार्ट लड़कियां चाहिए.' आयशा रात को डीजे का काम भी करती हैं. इस पर यूनुस ने कहा कि यह तो 'वेश्याओं' का काम है. इसके साथ ही वह उन्हें फोन पर अश्लील तस्वीरें भेजा करता था. उसने कई बार आयशा को रेप की धमकी भी दी.
आयशा के खुद के पैसे हुए खर्च
इसके बाद एम्प्लॉयमेंट जज ने आयशा के उत्पीड़न के लिए यूनुस और उसकी कंपनी को जिम्मेदार ठहराया. इसके तीन महीने बाद ही कंपनी बंद कर दी गई. अब माना जा रहा है कि यूनुस पाकिस्तान में रहने चला गया है.
वहीं पुलिस अधिकारियों के पास उससे पैसा निकलवाने की सीमित शक्तियां हैं. कानूनी प्रक्रिया में आयशा के खुद के 10 हजार पाउंड (करीब 10 लाख रुपये) खर्च हो गए हैं. उनका कहना है कि उन्होंने दिन रात मेहनत करके जितना भी पैसा कमाया था, सब लगा दिया. आयशा का कहना है कि वह इस मामले को आगे तक लेकर जातीं लेकिन उनके पास इतना पैसा नहीं है. यूनुस अब पाकिस्तान और बुडापेस्ट से अपना बिजनेस चला रहा है.

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