
बीमारी, अंधविश्वास या कुछ और... जब नाचते-नाचते मर गए 400 लोग
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505 साल पहले फ्रांस में एक अजीब बीमारी के चलते 400 लोगों की मौत हो गई. इस बीमारी में लोगों ने अचानक से नाचना शुरू कर दिया था. वो तब तक नाचते थे जब तक कि उनका शरीर काम करना न बंद कर दे या उनकी मौत न हो जाए. क्या थी ये बीमारी और क्या थी इसके पीछे की वजह चलिए जानते हैं इस बीमारी के बारे में विस्तार से...
आज से 505 साल पहले यानि 1518 में फ्रांस (France) के स्टार्सबर्ग (Strasbourg) शहर में एक ऐसी विचित्र घटना घटी जिसने लोगों के होश ही उड़ा दिए थे. एक अंजान बीमारी के कारण शहर के कुछ लोगों न अपने घरों से बाहर निकलकर अचानक नाचना शुरू कर दिया. वे तब तक नाचते रहे, जब तक कि उनके शरीर ने काम करना बंद नहीं कर दिया. या फिर जब तक उनकी मौत नहीं हो गई.
इस तरह लोगों के मरने का सिलसिला कई दिन तक चलता रहा. लेकिन बावजूद इसके इस बीमारी के फैलने का कारण आज तक पता नहीं लग सका है. लेकिन जब भी इस बीमारी का जिक्र होता है तो इसे फ्रांस में हुई एक घटना से जोड़कर देखा जाता है. तो क्या थी वो घटना चलिए जानते हैं विस्तार से...
तारीख 14 जुलाई 1518... जब फ्रांस के स्टार्सबर्ग में रहने वाली फ्राउ ट्रॉफिया (Frau Troffea) नामक एक महिला अचानक अपने घर से बाहर निकलकर नाचने लगी. हैरानी की बात ये थी कि जब ये महिला नाच रही थी तो न तो वहां कोई गाना बज रहा था और न ही कोई गाना गा रहा था. महिला बस अपनी ही धुन में नाचे जा रही थी.
एक और बात इसमें काफी विचित्र ये थी कि नाचते समय फ्राउ के चेहरे पर कोई भाव नहीं था. न वो हंस रही थी और न ही रो रही थी. वो बस बेसुध होकर नाच रही थी. तब फ्राउ की इस हरकत को देखकर कई लोग घरों से बाहर निकल आए. वे हैरान होकर उसका डांस देख रहे थे. उन्हें लगा कि फ्राउ शायद नशे में है, इसलिए नाच रही है. तो वहीं, कुछ लोग उसे पागल समझ रहे थे.
हालांकि, किसी के लिए भी उसके नाचने का कारण समझ पाना मुश्किल था. फ्राउ के पति ने उसे रोकने की कोशिश भी की. लेकिन फ्राउ ने उसकी एक न सुनी और बस नाचती ही रही. फ्राउ सुबह से नाच रही थी. नाचते-नाचते शाम हो गई लेकिन उसना नाचना बंद नहीं हुआ. उसके शरीर के काफी अंग फूल गए थे. लेकिन बावजूद इसके वो नाच रही थी. तभी अचानक वो बेहोश होकर नीचे गिर गई. पति उसे उठाकर घर ले गया.
लेकिन ये क्या... अगले दिन सुबह उठते ही उसने फिर से नाचना शुरू कर दिया. ना कुछ खाया और ना ही पिया. बस नाचती ही गई. इस तरह नाचते-नाचते उसे दो-तीन दिन बीत गए. अब उसके पति को उसकी चिंता होने लगी. तो उसे इलाज के लिए वह डॉक्टर के पास ले जाया गया. उधर फ्राउ की ही तरह 34 लोग भी इसी तरह अचानक से नाचने लगे थे. जब इस बात का पता शहर में चला तो इस बीमारी को 'डांसिंग प्लेग' का नाम दिया गया.

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