
बीच समंदर में हेलिकॉप्टर से जहाज पर उतरे हूती विद्रोही, गन पॉइंट पर लिया पूरा स्टाफ... शिप हाइजैक का वीडियो आया सामने
AajTak
यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक मालवाहक जहाज का अपहरण कर लिया. यह इंटरनेशनल जहाज है और तुर्की से भारत जा रहा था. इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है. इसे यमन ने जारी किया है. इस वीडियो में देखा जा रहा है कि एक हेलिकॉप्टर से ईरान समर्थित हूती के विद्रोही जहाज पर उतरते हैं और पॉजिशन लेकर अंदर प्रवेश कर जाते हैं.
यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक मालवाहक जहाज को हाईजैक कर लिया है. इस जहाज के चालक दल को बंधक बना लिया गया है. इस पूरे घटनाक्रम को बीच समंदर में अंजाम दिया गया है. यमन ने एक वीडियो जारी किया गया है. इसमें देखा जा रहा है कि एक हेलिकॉप्टर अचानक जहाज के ऊपर आता है. कुछ ही देर में बंदूक लिए हूती विद्रोही उतरते हैं और पॉजीशन ले लेते हैं. ये लोग जहाज के एंट्री गेट तक पहुंचते हैं और गोलियां चलाना शुरू कर देते हैं.
वीडियो में देखा जा रहा है कि सबसे पहले चालक को बंधक बना लिया जाता है. बाद में ये जहाज को आगे ले जाते हैं. आसपास कुछ नावें भी चलती देखी जा रही हैं. बता दें कि विद्रोही संगठन हूती को ईरान का भी समर्थन प्राप्त है. रविवार को हूती विद्रोही बीच समंदर तैर रहे मालवाहक जहाज 'गैलेक्सी लीडर' पर हेलिकॉप्टर से उतरे थे. उन्होंने चालक दल के 25 सदस्यों को बंधक बनाया और पूरी शिप को कब्जे में ले लिया था. उसे लेकर यमन के एक बंदरगाह पर पहुंचे थे. हूती ने एक बयान जारी कर इस शिप हाईजैकिंग की जिम्मेदारी ली है.
'जहाज पर कई देशों के मेंबर्स मौजूद थे'
यमन ने वीडियो फुटेज जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है कि हूती ने लाल सागर में इजरायली ध्वज वाले जहाज को जब्त कर लिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि यमन के हूती ने एक हेलिकॉप्टर का उपयोग करके अपने लड़ाकों को जहाज पर उतारा और उसे अपने कब्जे में ले लिया. बताया गया कि इस जहाज पर यूक्रेन, बल्गेरिया, फिलिपींस और मैक्सिको समेत कई देशों के क्रू मेंबर मौजूद थे.
'तुर्किए से भारत जा रहा था मालवाहक जहाज'
बताते चलें कि ये जहाज तुर्की से भारत जा रहा था. इजरायल ने जहाज के अपहरण के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. जबकि इसे पूरी दुनिया के लिए सबसे गंभीर घटना बताया है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि ब्रिटिश स्वामित्व वाले जापानी मालवाहक जहाज को ईरान के सहयोगी हूती लड़ाकों ने हाईजैक कर लिया. वहीं, फिलिस्तीन समर्थित हमास ने हूती लड़ाकों को इस हाईजैक के लिए शुक्रिया कहा है. अधिकारियों का कहना है कि जहाज पर कोई भी इजरायली नागरिक नहीं है. दावा किया जा रहा है कि इजरायली नागरिकों को बंधक बनाने के उद्देश्य से इस मालवाहक जहाज को किडनैप किया गया है.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.








