
बांग्लादेश में भी सक्रिय हुआ पाकिस्तान का ये जिहादी आतंकवादी संगठन, भारत की बढ़ी चिंता!
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पाकिस्तान की जिहादी आतंकवादी संगठन टीटीपी बांग्लादेश में भी भर्तियां कर रहा है. बांग्लादेश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इससे अंजान बैठी थीं और अब जाकर दो रिक्रूटर्स की गिरफ्तारी की गई है. टीटीपी का बांग्लादेश में सक्रिय होना भारत के लिए चिंता का विषय है.
पाकिस्तान में सालों से आतंकी हमले करते आ रहा जिहादी आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अब बांग्लादेश में भी अपने पैर पसारता दिख रहा है. टीटीपी ने बांग्लादेश में भर्तियां शुरू कर दी हैं. भारत के साथ 4,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सीमा साझा करने वाले बांग्लादेश में टीटीपी की गतिविधियां भारत के लिए चिंता की बात हो सकती है. यह बात इसलिए भी और गंभीर है क्योंकि बांग्लादेशी सुरक्षा और खुफिया संगठन इस खतरे से अब तक बेखबर बैठी थीं.
बांग्लादेश से कम से कम दो पाकिस्तानी तालिबान के रिक्रूटर्स के पाकिस्तान होते हुए अफगानिस्तान पहुंचने के सबूत मिले हैं. उनमें से एक अप्रैल में वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना के साथ मुठभेड़ में मारा गया था.
टीटीपी की बात करें तो यह संगठन मुख्य रूप से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में सक्रिय है.
टीटीपी की गतिविधियों में बढ़ोतरी की रिपोर्टें ऐसे समय में आ रही हैं, जब बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना शासन के पतन के बाद देश के जिहादी समूहों को बढ़ावा मिल रहा है.
ढाका स्थित 'द डेली स्टार' के अनुसार, जुलाई में बांग्लादेश की आतंकवाद निरोधक इकाई (एटीयू) ने टीटीपी से कथित संबंध के लिए दो व्यक्तियों शमीन महफूज और मोहम्मद फॉयसल को गिरफ्तार किया था. अखबार ने कहा कि बांग्लादेशी अधिकारी खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करके खतरे को रोकने की कोशिश करने रहे हैं.
बांग्लादेश पुलिस ने 2017 में एटीयू की स्थापना की थी जो कि एडवांस इंटेलिजेंस स्ट्रैटजी का इस्तेमाल कर इस तरह के खतरों को टार्गेट करता है.

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