
फ्रांस की यात्रा के समापन के बाद PM मोदी UAE रवाना, जानें पूरा प्रोग्राम
AajTak
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस की अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात के लिए रवाना हो गए. यूएई इस साल के अंत में UNFCCC (COP-28) के 28वें सम्मेलन की मेजबानी करेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस की अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात के लिए रवाना हो गए. UAE में पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, फिनटेक, रक्षा, सुरक्षा और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर चर्चा होगी.
पीएम मोदी ने इस यात्रा से पहले कहा था कि पिछले साल राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और मैं हमारी साझेदारी के भविष्य पर एक रोडमैप पर सहमत हुए थे, और मैं उनके साथ इस बात पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं कि हमारे संबंधों को और गहरा कैसे किया जाए. यूएई इस साल के अंत में UNFCCC (COP-28) के 28वें सम्मेलन की मेजबानी करेगा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, "भारत-फ्रांस संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत करने वाली सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस को अलविदा कहा. प्रधानमंत्री अब अपनी यात्रा के अगले चरण के लिए अबू धाबी के लिए विमान से रवाना हुए.
PM @narendramodi bids adieu to France following a successful visit that heralded a new chapter in 🇮🇳-🇫🇷 relationship. PM now emplanes for Abu Dhabi for the next leg of his visit. pic.twitter.com/6PFLI9RdiL
UAE में पीएम मोदी का संभावित कार्यक्रम

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







