
फिलिस्तीन ही नहीं, इन देशों की सीमाओं तक फैलने का इरादा, क्या है ग्रेटर इजरायल मिशन, जिसकी तरफ चुपचाप बढ़ रहे नेतन्याहू?
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यूएन महासभा में इजरायल और फिलिस्तीन पर काफी चर्चा हुई. कई देश खुलकर टू-स्टेट सॉल्यूशन के पक्ष में आए. वहीं इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ग्रेटर इजरायल के सपने देख रहे हैं. पिछले महीने भी उन्होंने इस पर बयान दिया था. भारी आलोचना के बाद भी वे गाजा पट्टी पर जिस तरह हमलावर हैं, उससे तो यही इशारा मिलता है.
कहां तो फिलिस्तीन एक अलग देश होने की मांग कर रहा है, कहां इजरायल अपने अड़ोस-पड़ोस के बॉर्डर भी मिटा देना चाहता है. कुछ ही रोज में हमास और इजरायल की लड़ाई को दो साल होने वाला है, लेकिन तेल अवीव अब भी उतने ही तीखे हमले कर रहा है, बल्कि यूं कहें कि हाल में उसके हमले और आक्रामक हुए. वो साफ कर चुका कि गाजा में उसे हमास नहीं चाहिए. ये तो हुई हमास को खत्म करने की बात, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि आतंकी संगठन के खात्मे की आड़ में इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ग्रेटर इजरायल के रास्ते पर चल रहे हों!
इजरायली लीडर ने अगस्त में एक इंटरव्यू में ये कहकर तूफान मचा दिया कि वे उनके पूर्वजों ने ग्रेटर इजरायल का सपना देखा था, और वे इस तक पहुंचकर रहेंगे.
क्या है ग्रेटर इजरायल का कंसेप्ट और कैसे उपजा इसे ऐतिहासिक रूप से यहूदियों के प्रॉमिस्ड लैंड की तरह देखा गया, जहां वर्तमान इजरायल के साथ-साथ वेस्ट बैंक, गाजा, सीरिया, लेबनान और जॉर्डन के कुछ हिस्से शामिल हैं. यह प्रस्ताव सबसे पहले थिओडोर हर्जल ने दिया था, जो मॉडर्न जायोनिज्म के जनक भी कहे जाते हैं. उन्होंने इसके पीछे कई किताबों का हवाला भी दिया.
साल 1948 में इजरायल ने खुद को स्वतंत्र देश घोषित तो कर दिया लेकिन उसकी सीमाएं विवादित रहीं. लगभग दो दशक बाद अरब-इजरायल लड़ाई के दौरान तेल अवीव ने अपने पड़ोसी देशों पर बड़ी जीत हासिल की. इस दौरान उसने कई इलाकों पर कब्जा भी कर लिया, जैसे गाजा पट्टी, जो कि पहले मिस्र के कंट्रोल में थी. जॉर्डन से वेस्ट बैंक ले लिया और सीरिया से गोलन हाइट्स छीन लिया. इस जंग ने इजरायल की सीमाओं को अचानक काफी बढ़ा दिया. इसके बाद ही ग्रेटर इजरायल की पुरानी चाह फिर जोर मारने लगी.
क्या इस तरफ बढ़ता दिख रहा इजरायल
मौजूदा सरकार में लगभग सारे ही नेता इस सोच को सपोर्ट करते हैं. हालिया युद्ध के दौरान एक तस्वीर आई थी, जिसमें एक इजरायली सैनिक अपनी यूनिफॉर्म पर ग्रेटर इजरायल का नक्शा दिखा रहा था. यानी आग सरकार के ही नहीं, सैनिकों और जनता तक के दिल में लगी हुई है.

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