
फिक्की के सर्वे में कोरोना की दूसरी लहर का सच, इकोनॉमी फिर बेबस!
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कोरोना की दूसरी लहर के असर से कारोबारी साल 2021-22 की पहली छमाही को जोर का झटका लगने की आशंका है. लेकिन पहली लहर की तरह इस बार भी आर्थिक गतिविधियां दूसरी छमाही में जोरदार वापसी के लिए तैयार नजर आती हैं.
कोरोना की दूसरी लहर के असर से कारोबारी साल 2021-22 की पहली छमाही को जोर का झटका लगने की आशंका है. लेकिन पहली लहर की तरह इस बार भी आर्थिक गतिविधियां दूसरी छमाही में जोरदार वापसी के लिए तैयार नजर आती हैं. इस बात का भरोसा उद्योगपतियों ने एक सर्वे में जताया है. कोरोना की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई करते-करते सितंबर तक का समय निकलने की आशंका है. लेकिन इसके बाद यानी अक्टूबर-मार्च छमाही में इकोनॉमी बाउंस बैक करने के लिए तैयार नजर आती है. इस बात का भरोसा फिक्की और ध्रुवा एडवाइजर्स द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में उद्योगपतियों ने जताया है. सर्वे में दावा किया गया है कि कारोबारियों को इस साल की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था में बड़ा सुधार आने का भरोसा है. डिमांड और सप्लाई का संकट भी तबतक सुलझने के आसार कारोबार जगत को है. हालांकि उद्योगपतियों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर ने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है.More Related News













