
पाक गोलाबारी में शहीद हुए सूबेदार मेजर पवन कुमार, हिमाचल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
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पुंछ में शहीद हुए सूबेदार मेजर पवन कुमार का अंतिम संस्कार हिमाचल के शाहपुर गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ. बेटे ने मुखाग्नि दी और लोग 'अमर रहें' के नारे लगाते हुए भावुक विदाई में शामिल हुए. मुख्यमंत्री सुक्खू समेत कई नेताओं ने शहादत को नमन किया और परिवार को समर्थन का भरोसा दिलाया.
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी में शहीद हुए सूबेदार मेजर पवन कुमार का अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक गांव शाहपुर (जिला कांगड़ा) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. शहीद के बेटे ने भावुक माहौल में अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान चारों ओर 'सूबेदार मेजर पवन कुमार अमर रहें' और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारों से गूंज उठा.
शहीद का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर करीब 1 बजे जम्मू से शाहपुर लाया गया. तिरंगे में लिपटे उनके शव को देखते ही परिवार की आंखें भर आईं और माहौल गमगीन हो गया.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की. कृषि मंत्री चंदर कुमार, डिप्टी डीसी हेमराज बैरवा और एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने भी फूल अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, पूर्व मंत्री सर्वीन चौधरी और पूर्व विधायक अरुण कुमार भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए और शहीद को श्रद्धा से विदाई दी.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने श्रद्धांजलि अर्पित की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संदेश में शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा में पवन कुमार का सर्वोच्च बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है.
पवन कुमार, शाहपुर के वार्ड नंबर 4 के निवासी थे और 25 पंजाब रेजिमेंट में कार्यरत थे. उनके पिता गराज सिंह भी भारतीय सेना में हवलदार के पद से रिटायर हुए हैं. शहीद अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं.

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