
पाकिस्तान: 14 साल की हिंदू लड़की का अपहरण, सरकार ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
AajTak
पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों में हिंदू लड़कियों और महिलाओं के अपहरण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. हाल ही में हैदराबाद से 14 साल की एक हिंदू लड़की को अगवा किया गया था. अब सिंध सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.
पाकिस्तान की सिंध सरकार ने 14 साल की एक हिंदू लड़की को अगवा किए जाने की घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. लड़की को हाल ही में हैदराबाद के फतेह चौक इलाके से अगवा किया गया था. लड़की को उस समय अगवा किया गया, जब वह घर लौट रही थी. लड़की के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन अभी तक लड़की का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
अधिकारियों ने बताया कि सिंध सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. सिंध सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पहले ही जांच शुरू कर दी है और वह पीड़ित परिवार के संपर्क में है.
हैदराबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे बीते हफ्ते हैदराबाद और मीरपुरखास से लापता हुई दो अन्य हिंदू लड़कियों के लापता होने की घटना की भी जांच कर रहे हैं.
बता दें कि इस साल सिंध प्रांत में हिंदू लड़कियों और महिलाओं के अपहरण और उनके जबरन धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ी हैं. हाल ही में अपहरण के चंगुल से बचने में सफल रही एक लड़की ने स्थानीय अदालत को बताया था कि उसे अगवा किया गया था और एक मुस्लिम शख्स ने जबरन उसका धर्मांतरण करा दिया था.
पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण के मामले लगातार सामने आने के बाद स्थानीय सरकार हरकत में आई है. इसी का नतीजा है कि सिंध प्रांत की सरकार ने मुस्तैदी दिखाते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.








