
पाकिस्तान में सुन्नी-शिया समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष, 82 लोगों की मौत और 156 घायल
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कुर्रम जिले में 23 नवंबर को लगभग 300 परिवार पलायन करने पर मजबूर हो गए, क्योंकि हल्के और भारी हथियारों के साथ गोलीबारी रात तक जारी रही. हालांकि, रविवार सुबह किसी और मौत की सूचना नहीं थी. स्थानीय प्रशासन के अधिकारी ने एएफपी से कहा, कुर्रम में मोबाइल नेटवर्क सस्पेंड कर दिया गया है और मुख्य राजमार्ग पर यातायात रुका हुआ है.
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सुन्नी और शिया समुदाय के बीच बीते तीन दिनों से भीषण सांप्रदायिक संघर्ष चल रहा है. दोनों पक्षों की ओर से हो रही गोलीबारी, पथराव और आगजनी में अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है और 156 से अधिक घायल हुए हैं. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुर्रम जिले के एक स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि मृतकों में 16 सुन्नी, जबकि 66 शिया समुदाय के हैं.
पाकिस्तान एक सुन्नी-बहुल देश है, लेकिन अफगानिस्तान की सीमा के पास स्थित कुर्रम जिले में शियाओं की बड़ी आबादी है. इन दोनों समुदायों के बीच दशकों से संघर्ष चलता आ रहा है. हिंसा की ताजा घटना गुरुवार को शुरू हुई जब पुलिस सुरक्षा के तहत यात्रा कर रहे शिया मुसलमानों के दो अलग-अलग काफिलों पर घात लगाकर हमला किया गया, जिसमें कम से कम 43 लोग मारे गए और दो दिनों तक गोलीबारी हुई.
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कुर्रम जिले में 23 नवंबर को लगभग 300 परिवार पलायन करने पर मजबूर हो गए, क्योंकि हल्के और भारी हथियारों के साथ गोलीबारी रात तक जारी रही. हालांकि, रविवार सुबह किसी और मौत की सूचना नहीं थी. स्थानीय प्रशासन के अधिकारी ने एएफपी से कहा, कुर्रम में मोबाइल नेटवर्क सस्पेंड कर दिया गया है और मुख्य राजमार्ग पर यातायात रुका हुआ है. पुलिस कुर्रम में हिंसा को रोकने के लिए संघर्षरत है.
बता दें कि 2018 में खैबर पख्तूनख्वा में विलय होने तक कुर्रम अर्ध-स्वायत्त जनजातीय क्षेत्रों का हिस्सा था. प्रांतीय सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को शिया समुदाय के साथ बातचीत की और रविवार को बाद में सुन्नी समुदाय से मिलने का कार्यक्रम है. प्रांतीय राजधानी पेशावर में एक सुरक्षा अधिकारी ने एएफपी को बताया कि वार्ताकारों का हेलिकॉप्टर क्षेत्र में आते ही आग की चपेट में आ गया, हालांकि किसी को नुकसान नहीं पहुंचा.
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