
पाकिस्तान के पास कर्ज चुकाने तक के पैसे नहीं, जनरल बाजवा ने अमेरिका से मांगी मदद
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पाकिस्तान में आर्थिक स्थिति इतनी बदहाल चल रही है कि जनरल बाजवा को अमेरिका से मदद की गुहार लगानी पड़ी है. कहा गया है कि अमेरिका IMF पर दबाव बनाए और जल्द ही उन्हें आर्थिक पैकेज मिले.
पाकिस्तान में आर्थिक संकट बड़ा खड़ा हो गया है. महंगाई तो आसमान छू ही रही है, उनका रुपया भी कमजोर होता जा रहा है. IMF से पैकेज की उम्मीद लगाए बैठे पाकिस्तान को अभी तक कही से कोई राहत नहीं मिली है. इसी वजह से अब जनरल कमर बाजवा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. उनकी तरफ से अमेरिका से गुहार लगाई गई है. कहा गया है कि अमेरिका IMF पर दबाव बनाए और जल्द ही उन्हें आर्थिक पैकेज मिले.
Nikkei Asia की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनरल बाजवा ने अमेरिका के डिप्टी सचिव Wendy Sherman से फोन पर बात की है. अपील की गई है कि अमेरिका IMF पर दबाव बनाए और उन्हें तुरंत 1.2 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया जाए. बड़ी बात ये है कि जनरल बाजवा के पास असल में अपनी तरफ से ये मांग करने की कोई आधिकारिक ताकत नहीं है. लेकिन पाकिस्तान में जैसी स्थिति है, वहां पर सेना का जोर रहता है. उनके आदेशों से ही सरकार बनती-गिरती रहती हैं. इसी वजह से जब पाकिस्तान पर इतना बड़ा आर्थिक संकट आ गया है तो बाजवा ने खुद ही मोर्चा संभाल अमेरिका से मदद की गुहार लगा दी है.
पाकिस्तान के लिए स्थिति ज्यादा खतरनाक इसलिए बन गई है क्योंकि उसका विदेशी मुद्रा भंडार खाली होता जा रहा है. वर्तमान में उसके पास 9 बिलियन डॉलर से भी कम विदेशी मुद्रा बची है. इस मात्रा से सिर्फ वो दो महीने तक के आयात के बिल चुका सकता है. इसी वजह से पाकिस्तान पर अभी डिफॉल्टर बनने की तलवार लटक रही है. यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि IMF की तरफ से पाकिस्तान को स्टॉफ लेवल अप्रूवल पहले ही दे दिया गया है. लेकिन जब तक एग्जीक्यूटिव बोर्ड फाइनल फैसला नहीं कर लेता, पाकिस्तान तक ये मदद नहीं पहुंच सकती. और क्योंकि बोर्ड में अमेरिका भी एक अहम सदस्य है, ऐसे में सीधे उससे संपर्क साध राह आसान करने की कोशिश हुई है. वैसे पिछले हफ्ते भी पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिका से बात की थी, लेकिन तब जमीन पर कोई समझौता नहीं हो पाया.
यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि पाकिस्तान को IMF आर्थिक पैकेज देने को तो तैयार है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ. इसमें सबसे बड़ी शर्त तो ये है कि पाकिस्तान सरकार को बिजली दरों में इजाफा करना होगा, इसके अलावा पेट्रोलिय्म उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स भी लगाना पड़ेगा. अगर ये शर्तें पूरी होती हैं, तभी पाकिस्तान को कोई आर्थिक मदद दी जा सकती है. लेकिन पाकिस्तान में अभी ही महंगाई सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है, जनता पहले ही बेहाल चल रही है. ऐसे में अगर इन शर्तों को मान लिया गया तो महंगाई का एक बड़ा बम फटना तय माना जा रहा है.

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