"पहली बार रमजान में तरावीह की नमाज नहीं," बरेली DM को HC का नोटिस फिर रोक क्यों?
The Quint
UP bareilly namaz row: हाइकोर्ट ने इस मामले पर बरेली के डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी अनुराग आर्य के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया है.
"अफसोस.. 30 साल में ये पहली बार है जब हम लोगों को रमजान में तरावीह की नमाज नहीं पढ़ने दी गई. हम लोग किसी और की जमीन या घर में नहीं बल्कि अपने निजी घरों या जगहों पर नमाज पढ़ते रहे हैं. अदालत ने भी नमाज पढ़ने पर कोई रोक नहीं लगाई है फिर भी हमें अपने घरों में सामूहिक नमाज पढ़ने नहीं दिया जा रहा."
उत्तर प्रदेश के बरेली के मोहम्मदगंज गांव के रहने वाले सैफ (बदला हुआ नाम) कहते हैं कि रमजान का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन हम इबादत नहीं कर सकते हैं, क्योंकि गांव के लोगों और प्रशासन को हमारे अपने घरों में हमारी इबादत से दिक्कत है.
बता दें कि ये विवाद पहली बार 16 जनवरी को खबरों में आया था जब मोहम्मदगंज गांव के कुछ मुसलमान जुमे की नमाज के लिए एक निजी खाली पड़े घर में नमाज के लिए जमा हुए थे. इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को अवैध मस्जिद और मदरसे बनने की शिकायत की. पुलिस ने शिकायत के आधार पर करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया और फिर मजिसट्रेट के सामने 151 में चालान हुआ.
