
बिहार का बजट: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि 'खर्च' में कटौती, चुनावी घोषणाओं पर फोकस
The Quint
Bihar Budget 2026-27: बिहार के बजट में जनता को क्या मिला? ये वो सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है. वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3.47 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया. लेकिन फिर भी सवाल उठ रहे हैं.
बिहार के बजट में जनता को क्या मिला? ये वो सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है. वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3 फरवरी को 11 मिनट में 3.47 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया. अब बजट भाषण और सरकार के ऐलानों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है- सामाजिक विकास से जुड़े विभागों के योजना मद में कटौती. राज्य सरकार ने इस बार के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, जल संसाधन, कृषि और PHED जैसे विभागों के योजना मद यानी इन विभागों की योजनाओं पर खर्च में कटौती की है. हालांकि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास और आवास, उद्योग जैसे विभागों के योजना मद में बढ़ोतरी हुई है.
वित्त मंत्री के बजट भाषण में कहा गया है कि साल 2026-27 में शिक्षा और उच्च शिक्षा पर 68,216.95 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है. जो कि सबसे ज्यादा है. यह कुल बजट का 19.6 प्रतिशत है. बता दें कि सरकार ने इस बार नए विभाग के तौर पर 'उच्च शिक्षा विभाग' का गठन किया है.
