UP SIR: मुस्लिम वोटर के नाम काटने की कोशिश, BLOs ने बताया कैसे बनाया जा रहा दबाव
The Quint
चंदौली के सकलडीहा में SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-7 के जरिए मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने की कथित साजिश सामने आई है. द क्विंट' के पास मौजूद इन फर्जी आवेदनों को लेकर अब समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच सियासी जंग छिड़ गई है.
"31 जनवरी को मेरे दरवाजे पर एक लिफाफा मिला. मुझे लगा कि यह डाक से आया होगा या शायद लोकल ऑफिस से भेजा गया होगा, जैसा कि अक्सर होता है. लेकिन जब मैंने लिफाफा खोला, तो दंग रह गई. उसमें सात वोटरों के नाम काटने के लिए 'फॉर्म-7' रखे हुए थे." उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के महागांव की बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अंजना देवी ने द क्विंट को यह जानकारी दी है.
देश भर में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवादों के बीच, उत्तर प्रदेश की कुछ सीटों से मुस्लिम वोटरों के नाम फर्जी तरीके से काटने की कोशिशों के आरोप सामने आए हैं. विपक्षी पार्टियों का दावा है कि 'अल्पसंख्यक वोटों को चुन-चुनकर निशाना' बनाया जा रहा है.
चंदौली की सकलडीहा विधानसभा के पांच गांवों से द क्विंट को जो 'फॉर्म-7' (वोटर लिस्ट में नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने के लिए इस्तेमाल होने वाला फॉर्म) मिले हैं, उनमें 84 मुस्लिम वोटरों के नाम काटने की अर्जी दी गई है.
