
न्यूक्लियर बम के रेडिएशन से बचाती है ये दवा! अमेरिका में बिक्री बढ़ी
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रूस की ओर से यूक्रेन पर हमले के बाद पोटेशियम आयोडाइड टैबलेट की मांग बढ़ गई है, दरअसल ऐसा कहा जा रहा है कि अगर न्यूक्लियर बम फट गया तो ये टेबलेट काम आ सकती है.
अमेरिका में इन दिनों कुछ लोग डरे हुए हैं, लोगों को आशंका है कि रूस न्यूक्लियर युद्ध छेड़ सकता है. ऐसे में लोग डर की वजह से पोटेशियम आयोडाइड टैबलेट (Potassium iodide tablets) खरीद रहे हैं. हालांकि, न्यूक्लियर बम फटने की कल्पना ही काफी डरावनी है और ऐसे किसी भी हालात में लाखों लोग मारे जाएंगे और आसपास के लोग बुरी तरह घायल होंगे. काफी दूर स्थित लोग रेडिएशन की चपेट में आ जाएंगे.
लेकिन कुछ लोग ये मान रहे हैं कि टैबलेट रेडिएशन विकिरण के बाद होने वाले जहरीले प्रभाव को कम कर देती है. हालांकि, किसी ने ज्यादा सेवन कर लिया तो ये बेहद खतरनाक भी हो जाता है. लेकिन अधिक बिक्री की वजह से इसके दाम भी बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं.
डेलीमेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, पहले जहां ये सामान्य दिनों में एक पैकेट 1070 रुपए के करीब बिक रहा था, वहीं अब इसकी कीमत 1 लाख 14 हजार रुपए के करीब हो गई है. ये कीमत eBay साइट पर है. वहीं अब इस साइट पर ये दवा 'आउट ऑफ स्टॉक' भी दिख रही है.
सीडीसी ने जारी की चेतावनी
वहीं सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) ने कहा है कि हद से ज्यादा इस टैबलेट का सेवन शरीर के लिए काफी नुकसानदेह है. अधिक सेवन की वजह से गंभीर बीमारी और मौत भी हो सकती है. सीडीसी के मुताबिक, सिंगल डोज पोटेशियम आयोडाइड टैबलेट, थाइरॉइड ग्लैंड को 24 घंटे तक सुरक्षित रखता है. लेकिन इससे अधिक मात्रा का सेवन नुकसान पहुंचाता है. सीडीसी ने इसको लेकर चेतावनी भी जारी की है.
वहीं, परमाणु हमला होने की स्थिति में रेडियोएक्टिव विकिरण सांस के माध्यम से फेफड़ों में चली जाती है. इससे पानी, मिट्टी, पौधे भी दूषित हो जाते हैं. रेडियोएक्टिव विकिरण के संपर्क में आने के बाद व्यक्ति के शरीर की थाइरॉइड ग्रंथि इस बात में अंतर नहीं कर पाती है कि रेडियोआयोडीन और रेगुलर आयोडाइन में से किसे एब्जॉर्व करना है. ऐसे में ये दोनों को सोख लेती है. रेडियोआयोडीन के अधिक एक्सपोजर से थाइरॉइड कैंसर हो सकता है.

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