
'नाली के गैस से चाय बनाई जा सकती है, पढ़ा-लिखा आदमी ऐसा नहीं बोलेगा', PM मोदी की डिग्री पर केजरीवाल ने फिर उठाए सवाल
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी की डिग्री के मामले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि किसी का अनपढ़ होना गुनाह नहीं है, देश में बहुत गरीबी है, लोग नहीं पढ़ पाते हैं. उन्होंने फिर से कहा कि देश में फैसले लेने के लिए पीएम का पढ़ा-लिखा होना जरूरी है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर उन पर सीधा हमला कर रहे हैं. शनिवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर से प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का पढ़ा लिखा होना ज़रूरी है. केजरीवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान विचलित करते हैं. पढ़ा लिखा आदमी नाली से गैस निकालने की बात नहीं करेगा. बादल के पीछे राडार नहीं पकड़ पायेगा. ऐसा लगता है कि उन्हें विज्ञान के बारे में. जानकारी नहीं है.'
प्रधानमंत्री पर है संदेह
गुजरात हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा, 'गुजरात हाई कोर्ट का कल ऑर्डर आया कि लोग पीएम के एजुकेशनल क्वालिफ़िकेशन की जानकारी नहीं ले सकते. इससे देश स्तब्ध है. किसी का पढ़ा लिखा या अनपढ़ होना कोई गुनाह नहीं है. हमारे देश में ग़रीबी है लोग घर की स्थितियों के कारण पढ़ नहीं पाते. कनाडा में प्रधानमंत्री ने a+b को लेकर जो कहा वो सबने देखा,उन्होंने बच्चों से कहा कि क्लाइमेट चेंज कुछ नहीं है, जबकि यह हक़ीक़त है, वहाँ बच्चे हंस रहे थे, ऐसे में संदेह होता है कि क्या प्रधानमंत्री पढ़े लिखे हैं.'
हो सकता है डिग्री फर्जी हो
केजरीवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री को एक ही दिन में सैकड़ों फ़ैसले लेने होते हैं, अगर वे पढ़े नहीं होंगे तो अधिकारी उनसे कहीं भी दस्तख़त करा लेंगे. जैसे नोटबंदी हुई, जीएसटी लागू हुआ, इनसे अर्थव्यस्था का बेड़ा गर्क हुआ, कृषि क़ानून ऐसे ही लाए गए. पिछले कुछ साल में साठ हज़ार स्कूल बंद कर दिए गए, यानी शिक्षा की तवज्जो नहीं दी जा रही है. अनपढ़ देश कैसे तरक़्क़ी करेगा.हाई कोर्ट के ऑर्डर ने प्रधानमंत्री के शिक्षा को लेकर और संशय बढ़ा दिया है.अगर डिग्री है और सही है तो दिखाई क्यों नहीं जा रही है, कुछ समय पहले अमित शाह ने एक डिग्री दिखाई थी. यह हो सकता हैं कि अहंकार में नहीं दिखा रहे हों. जनता के मन में दूसरा यह सवाल है कि हो सकता है डिग्री फर्जी हो.'
हाईकोर्ट ने लगाया था जुर्माना गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केजरीवाल पर ये कहते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है कि उन्होंने अपनी पब्लिसिटी के लिए कोर्ट का समय बर्बाद किया.केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री मांगी थी, जानना चाहा था कि वे कितने पढ़े लिखे हैं. कोर्ट ने PMO को भी कहा है कि उन्हें पीएम की सार्वजनिक करने की कोई जरूरत नहीं है.

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