
'नवाज शरीफ की वतन वापसी पर कानून के मुताबिक व्यवहार होगा', बोले PAK के कार्यवाहक सूचना मंत्री
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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक सोलंगी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नवाज शरीफ तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं और एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेता हैं. उन्होंने कहा कि नवाज जेल की सजा से भागकर नहीं, बल्कि अदालत और पूर्व सरकार की अनुमति से विदेश गए थे.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पाकिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री मुर्तजा सोलांगी ने कहा कि नवाज शरीफ जेल की सजा से बचने के लिए लंदन नहीं भागे, बल्कि अनुमति लेकर गए थे. साथ ही अगले महीने उनके पाकिस्तान लौटने पर उनके साथ कानून के मुताबिक व्यवहार किया जाएगा. बता दें कि नवाज शरीफ ने हाल ही में कहा था कि वह चार साल का "आत्म-निर्वासन" खत्म कर 21 अक्टूबर को पाकिस्तान लौटेंगे और 2024 में होने वाले चुनाव में अपनी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी का नेतृत्व करेंगे. इसे लेकर वह काफी उत्साहित भी हैं.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक सोलंगी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नवाज शरीफ तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं और एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेता हैं. उन्होंने कहा कि नवाज जेल की सजा से भागकर नहीं, बल्कि अदालत और पूर्व सरकार की अनुमति से विदेश गए थे.
सोलांगी ने कहा कि वह इस बात का जवाब नहीं दे सकते कि नवाज को जमानत मिली है या वह अदालत जाएंगे. इसका जवाब खुद पीएमएल-एन सुप्रीमो या देश के कानून और संविधान को देना है. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार देश के मामले निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा चलाए जाएंगे.
सोलंगी ने कहा कि पाकिस्तान चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 218(3) के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि कार्यवाहक सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में अपनी पूरी भूमिका निभाएगी.। 30 नवंबर तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद चुनाव की अंतिम तारीख भी दे दी जाएगी.
नवाज शरीफ को 2017 में देश के प्रधानमंत्री के रूप में पद से हटना पड़ा था, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें आय की घोषणा नहीं करने पर जीवनभर के लिए सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था. इसके बाद लाहौर हाईकोर्ट से उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की 4 सप्ताह की अनुमति मिली थी. हालांकि वह 2019 से लंदन में रह रहे हैं.
वह अल-अजीजिया मिल्स मामले में लाहौर की कोट लखपत जेल में 7 साल की कैद की सजा काट रहे थे. उन्हें 2019 में इलाज के लिए लंदन जाने की अनुमति मिल गई थी. नवाज को 2018 में अल-अजीजिया मिल्स और एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामलों में भी दोषी ठहराया गया था.

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