
नए साल की शुरुआत से पहले केंद्र ने किए बड़े प्रशासनिक बदलाव, 48 अधिकारियों को नई तैनाती
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साल 2025 के अंतिम दिन केंद्र सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल किया है. आईएएस, आईएफएस, आईआरटीईएस समेत विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं के 48 अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है.
साल 2025 के अंतिम दिन देश की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल देखने को मिला. केंद्र सरकार ने प्रमुख मंत्रालयों और विभागों में जॉइंट सेक्रेटरी, एडिशनल सेक्रेटरी और समकक्ष पदों पर बड़ी संख्या में सीनियर-लेवल की नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है. 31 दिसंबर की देर रात जारी आदेश में अलग-अलग आदेश में चार दर्जन से ज्यादा अधिकारियों को नई नियुक्ति दी गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमेटी (ACC) की मंजूरी के बाद कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने नई नियुक्तियों से संबंधित आदेश जारी कर दिए. इन आदेश के मुताबिक इन नियुक्तियों को 31 दिसंबर के दिन मंजूरी दी गई थी. 2009 बैच के आईएएस अधिकारी चिन्मय पुंडलिकराव गोटमारे और 2005 बैच की आईएफएस अधिकारी नेहा वर्मा को कृषि और किसान कल्याण विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है.
आईआरटीएस 2000 बैच के अधिकारी मनोज कुमार गंगेया को कोयला मंत्रालय और 2005 बैच के आईएफएस अमित वर्मा, 2008 बैच के आईएएस उज्ज्वल कुमार घोष और 2001 बैच के आईआरएस कपिल चौधरी को वाणिज्य विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है. 2005 बैच के आईएएस राहुल जैन को कॉर्पोरेट मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी, 2003 बैच के आईआरटीएस अधिकारी कमलेश कुमार मिश्रा को संस्कृति मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है.
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सचिवालय सर्विसेज के अधिकारी शाजन जॉर्ज पी वर्गीस को रक्षा विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है. 2009 बैच की आईएएस अधिकारी तन्वी गर्ग पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी बनाई गई हैं. 2006 बैच के आईएएस हनीश छाबड़ा खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, 2005 बैच के आईएएस सिबिन सी को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी का प्रभार दिया गया है.
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साल 2026 कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए सियासी तौर पर काफी अहम है. बीजेपी के सामने अपने सियासी विस्तार को बढ़ाने का चैलेंज है तो कांग्रेस के सामने अपने ट्रेन को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती है. इतना ही नहीं लेफ्ट के सामने अपने आखिरी दुर्ग को बचाए रखने की टेंशन है तो ममता बनर्जी के लिए भी किसी अग्निपरीक्षा से कम 2026 नहीं है.

बस कुछ ही घंटों के बाद आप नये साल का स्वागत करेंगे. आप जश्न की तैयारी कर रहे होंगे या नये साल का जश्न मना रहे होंगे, लेकिन आप ये जश्न इसलिए मना पा रहे हैं क्योंकि इस वक्त हिंदुस्तान की सीमाएं सुरक्षित हैं. और इन सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं सेना और बीएसएफ के वो जवान, जिनके लिए अपना खुद का परिवार दूसरे नंबर पर आता है, पहले नंबर पर देश है.

नया साल 2026 देशभर में धूमधाम और उत्साह के साथ स्वागत किया गया. शिमला के रिज मैदान से लेकर उदयपुर की झीलों के किनारे, मनाली के महफिलों से लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस तक हर जगह लोगों ने महसूस किया जश्न का रंग. कोलकाता की पर्क स्ट्रीट, मुंबई की मरीन ड्राइव और तमिलनाडु के त्रिची पुल पर भी नए साल का जश्न देखने को मिला.










