
दुबई एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाका: धुआं-धुआं हुआ आसमान, सभी उड़ानें निलंबित
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दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एक ड्रोन हमले ने ईंधन टैंक को निशाना बनाया, जिससे भीषण आग लग गई. हादसे की वजह से एयरपोर्ट पर उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार तड़के दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एक बड़ा हमला हुआ. एक ड्रोन हमले ने एयरपोर्ट के पास स्थित एक ईंधन टैंक को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई. इस हमले के बाद एयरपोर्ट पर अस्थायी रूप से उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं.
दुबई मीडिया ऑफिस के मुताबिक, ड्रोन के टकराते ही ईंधन टैंक में जबरदस्त विस्फोट हुआ और आग की लपटें आसमान छूने लगीं. घटना के तुरंत बाद दुबई सिविल डिफेंस की टीमों को तैनात किया गया.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दुबई एयरपोर्ट के पास आसामान में धुएं का काला गुबार और ऊंची लपटें उठती देखी जा सकती हैं. अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं और अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.
ईरान की चेतावनी और बढ़ता संघर्ष ये हमला ईरान के संयुक्त अरब अमीरात के तीन प्रमुख बंदरगाहों को खाली करने की चेतावनी के ठीक एक दिन बाद हुआ है. ये पहली बार है जब तेहरान ने किसी पड़ोसी देश की गैर-अमेरिकी संपत्तियों को सीधे तौर पर निशाना बनाने की धमकी दी है.
ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका, यूएई के बंदरगाहों और अड्डों का इस्तेमाल उसके खार्ग द्वीप पर हमले के लिए कर रहा है. खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का मुख्य टर्मिनल है.
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ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.







