
दुनिया में Monkeypox के केस 1000 के पार, WHO ने इन खतरों को लेकर दुनिया को चेताया
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Monkeypox के आगे प्रसार को रोकने पर जोर देते हुए टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस ने कहा कि अब तक कोई मौत नहीं हुई है, लेकिन गैर-स्थानिक देशों में मंकीपॉक्स का जोखिम है. वहीं, टीकों के बारे में बोलते हुए टेड्रोस ने कहा, "एंटीवायरल और वैक्सीन मंकीपॉक्स के लिए स्वीकृत हैं, लेकिन ये सीमित आपूर्ति में हैं."
कोरोना महामारी के बीच अब दुनिया में Monkeypox का कहर बढ़ते जा रहा है. 29 देशों में Monkeypox के एक हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. अब तक सबसे अधिक केस ब्रिटेन से सामने आए हैं जहां इसकी चपेट में 300 से ज्यादा लोग हैं.
मंकीपॉक्स के संक्रमण में वृद्धि के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस ने प्रभावित देशों से इस पर नियंत्रित करने के लिए सभी मामलों और संपर्कों की पहचान करने का आग्रह किया है.
Monkeypox के आगे प्रसार को रोकने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अब तक कोई मौत नहीं हुई है, लेकिन गैर-स्थानिक देशों में मंकीपॉक्स का जोखिम है. वहीं, टीकों के बारे में बोलते हुए टेड्रोस ने कहा, "एंटीवायरल और वैक्सीन मंकीपॉक्स के लिए स्वीकृत हैं, लेकिन ये सीमित आपूर्ति में हैं."
उन्होंने कहा कि ये वायरस दशकों से अफ्रीका में है.लेकिन दुनिया ने अब ध्यान दिया है, जब बड़े देश इसकी चपेट में आए हैं. मंकीपॉक्स आमतौर पर एक स्व-सीमित बीमारी है और आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक रहती है. लक्षण वाले लोगों को घर पर ही रहना चाहिए.
बता दें कि मंकीपॉक्स में आमतौर पर फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं. इसकी वजह से स्किन पर मवाद से भरे घाव हो जाते हैं जो आमतौर पर हफ्तों के भीतर अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी स्थिति बिगड़ने पर मरीज की मौत हो सकती है.
1958 में मंकीपॉक्स का बंदरों में चला था पता

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