
दुनिया का सबसे महंगा मॉडर्न आर्ट! हैरान कर देगी नीलामी की कीमत
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फेमस आर्टिस्ट गुस्ताव क्लिम्ट की पेंटिंग 'पोर्ट्रेट ऑफ एलिजाबेथ लेडेरर' न्यूयॉर्क में एक नीलामी में भारी कीमत पर नीलाम हुई है. नीलामी के साथ ही यह मॉडर्न आर्ट की सबसे महंगी पेंटिंग बन गई है. यह पेंटिंग नाजियों ने लूट ली थी और बाद में लेडरर के परिवार को वापस मिल गई थी.
ऑस्ट्रिया के फेमस पेंटर गुस्ताव क्लिम्ट (Gustav Klimt) की एक पेंटिंग रिकॉर्ड तोड़ 236.4 मिलियन डॉलर में बिकी है यानी 20 अरब 93 करोड़ 64 लाख से ज्यादा रुपये में. यह नीलामी में अब तक बिकने वाली दूसरी सबसे महंगी कलाकृति बन गई है. मॉडर्न आर्ट में नीलामी के जरिए बेची गई सबसे महंगी पेंटिंग का खिताब भी इसे मिल गया है.
पेंटिंग का नाम 'पोर्ट्रेट ऑफ एलिजाबेथ लेडेरर' है जो छह फुट ऊंची पेंटिंग है. क्लिम्ट ने 1914 से 1916 के बीच यह पेंटिंग बनाई थी. इसमें युवा उत्तराधिकारी एलिजाबेथ लेडेरर को एक चीनी चोगे में लिपटा दिखाया गया है. लेडेरर, क्लिम्ट की देखभाल करने वालों, उनका ख्याल रखने वालों की बेटी थीं.
मंगलवार रात न्यूयॉर्क में Sotheby's नीलामी एजेंसी के दौरान इस पेंटिंग के लिए छह बोली लगाने वालों ने 20 मिनट तक बोली लगाई. एजेंसी ने खरीदार की पहचान बताने से इनकार कर दिया.
एलिजाबेथ लेडरर की पेंटिंग नाजियों ने लूट ली थी और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आग में लगभग नष्ट हो गई थी, लेकिन 1948 में इसे लेडेरर के भाई एरिख को वापस कर दिया गया. क्लिम्ट के दोस्त और आर्टिस्ट एगोन शीले ने एरिख पर आधारित कई पेंटिंग्स और ड्रॉइंग्स बनाई हैं. एलिजाबेथ लेडरर की पेंटिंग लंबे समय तक एरिख के पास रही और उन्होंने 1983 में इसे बेच दिया.
1985 में, यह पेंटिंग एस्ते लॉडर साम्राज्य के उत्तराधिकारी लियोनार्ड ए. लॉडर के प्राइवेट आर्ट कलेक्शन का हिस्सा बन गई. उन्होंने इसे अपने फिफ्थ एवेन्यू स्थित न्यूयॉर्क के घर में प्रदर्शित किया. लॉडर का जून में 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.
लॉडर की कला सलाहकार एमिली ब्रॉन ने CNN से कहा कि यह पेंटिंग उनके संग्रह का 'नगीना' थी. उन्होंने कहा, 'वो घर पर जब भी होते, इसी पेंटिंग के पास रखी छोटी गोल टेबल पर बैठकर लंच करते थे.'

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