
'तो इंडिया के 8 प्लेन और गिरा देते...' शहबाज Peace ऑफर दे रहे, पाक का पूर्व एयर मार्शल भारत को बालाकोट याद दिला रहा
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत के साथ दुश्मनी का मोल समझ चुके हैं. उन्होंने खुद कहा है कि पाकिस्तान ने भारत के साथ तीन जंग लड़े और पाकिस्तान को सबक मिल चुका है. लेकिन लगता है कि इस सबक से पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अबतक वाकिफ नहीं है. इसका गवाह बालाकोट हमले पर पाकिस्तान के पूर्व एयर मार्शल चीफ की उटपटांग बयानबाजी है.
कंगाली और भूखमरी के कगार पर आ चुके पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भले ही कह रहे हों कि भारत से पाकिस्तान ने तीन युद्ध लड़े और उसे सबक मिल चुका है. लेकिन पाकिस्तानी जनरलों और अफसरों के दिमाग से अभी भी जंग का भूत नहीं उतर रहा है.
ऐसे समय में जब पाकिस्तान की नौबत दिवालिया होने की आ चुकी है, शहबाज शरीफ भारत के साथ शांति चाहते हैं ऐन मौके पर पाकिस्तान के पूर्व वायु सेना चीफ एयर मार्शल सोहेल अमन ने बालाकोट हमले का वाकया याद कर पाक एयरफोर्स की शेखी बघारी है. पूर्व वायु सेना चीफ एयर मार्शल सोहेल अमन ने लाहौर में एक कार्यक्रम में कहा कि उस वक्त पाकिस्तान इंडिया एयरफोर्स के 8 और फाइटर विमानों को गिरा सकता था. सोहैल अमन का दावा है कि पाकिस्तान टेंशन बढ़ाना नहीं चाहता था, इसलिए उसने ऐसा नहीं किया.
बता दें कि आर्थिक कंगाली में फंसे पाकिस्तान की माली हालत बेहद खराब हो गई है. स्थिति ऐसी है कि लोग आटे के लिए सड़कों पर लड़ रहे हैं. पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार मात्र 4.5 अरब डॉलर बच गया है. पाकिस्तान के पीएम मदद की आस में दुनिया के देशों का चक्कर लगा रहे हैं और अपनी झोली फैला रहे हैं. स्थिति ये है कि डॉलर के अभाव में पाकिस्तान उस गेहूं को भी नहीं खरीद पा रहा है जो बंदरगाह में जहाजों पर खड़ा है.
भारत से लड़कर पाकिस्तान सबक सीख चुका है
इस स्थिति में पाकिस्तान को भारत से दुश्मनी मोल लेने की कीमत समझ में आ रही है. शहबाज शरीफ ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमने भारत के साथ तीन युद्ध लड़े और अब पाकिस्तान अपना सबक सीख चुका है. अल अरबिया टीवी को दिए इंटरव्यू में जूनियर शरीफ ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान पड़ोसी हैं और दोनों को एक-दूसरे के साथ ही रहना है.
पाकिस्तान की खस्ताहाल आर्थिक हालत से त्रस्त शहबाज ने भारत को ओलिव ब्रांच ने पेश करते हुए कहा कि यह हम पर निर्भर करता है कि हम शांति से रहें, तरक्की करें या फिर एक-दूसरे से लड़कर अपना समय और संसाधन बर्बाद करें. शहबाज ने कहा कि भारत के साथ हमारे तीन युद्ध हुए इससे हमारे पास गरीबी और बेरोजगारी ही आई, हम अपना सबक सीख चुके हैं. अब हम शांति से जीना चाहते हैं और अपनी समस्याएं सुलझाना चाहते हैं.

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