
'...तो आत्महत्या कर लूंगा', बंगाल में ED पर हमले के बाद TMC नेता शेख शाहजहां का ऑडियो टेप आया सामने
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तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां ने एक ऑडियो टेप जारी किया है. ऑडियो टेप में शेख शाहजहां ने कहा कि मेरी आप सभी से प्रार्थना है कि आप सीबीआई और ईडी से न डरें. यह एक राजनीतिक साजिश है. उन्हें लगता है कि वे संदेशखली में टीएमसी को बरबाद कर देंगे. डरो मत. शाहजहां तो सैकड़ों हैं. सीएम ममता ने संदेशखली के सभी लोगों के लिए काम किया है.
पश्चिम बंगाल में छापेमारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक तरफ बीजेपी और कांग्रेस टीएमसी पर निशाना साध रही है तो वहीं दूसरी तरफ बंगाल पुलिस ने तीन एफआईआर इस मामले में दर्ज की हैं. ईडी अधिकारियों पर हमले के पीछे का मास्टरमाइंड टीएमसी नेता सहजहान शेख को माना जा रहा है. हमले के बाद से वह फरार है. ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ है. इस सबके बीच तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां ने एक ऑडियो टेप जारी किया है.
ऑडियो टेप में शेख शाहजहां ने कहा कि मेरी आप सभी से प्रार्थना है कि आप सीबीआई और ईडी से न डरें. यह एक राजनीतिक साजिश है. उन्हें लगता है कि वे संदेशखली में टीएमसी को बरबाद कर देंगे. डरो मत. शाहजहां तो सैकड़ों हैं. सीएम ममता ने संदेशखली के सभी लोगों के लिए काम किया है.
उन्होंने आगे कहा, "मौत तो आनी ही है लेकिन मैं कभी भी किसी अपराध से नहीं जुड़ा हूं. अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने कुछ गलत किया है तो मैं आत्महत्या कर लूंगा और अपना चेहरा नहीं दिखाऊंगा. मैं कभी भी अपराध का समर्थन नहीं करता. मुझे आशा है कि आप मुझ पर विश्वास नहीं खोएंगे.
जल्द ही आपको पता चल जाएगा कि यह झूठ था. ममता बनर्जी सबके लिए काम करती हैं, उन पर भरोसा रखें. चिंता मत करो मैं कहां जाऊंगा. मुझे उम्मीद है कि सभी टीएमसी कार्यकर्ता इस समय में पार्टी होंगे. हमें अपराध और गलत कार्यों के खिलाफ लड़ना होगा."
शनिवार को भी ईडी की टीम पर हुआ हमला
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में कथित राशन घोटाले के सिलसिले में बोनगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आध्या को शनिवार तड़के गिरफ्तार कर लिया. एजेंसी ने उत्तर 24 परगना जिले के टीएमसी नेता आध्या को बोनगांव के सिमुलटोला में उनके आवास से गिरफ्तार किया. ईडी ने गिरफ्तारी से पहले शंकर आध्या और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी संपत्तियों की 17 घंटे तक तलाशी ली.

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