
तुर्की: 34 साल बाद यूनिवर्सिटी ने रद्द कर दी एर्दोगन के विरोधी की ग्रेजुएशन डिग्री, नहीं लड़ पाएंगे राष्ट्रपति चुनाव!
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इस्तांबुल विश्वविद्यालय ने मंगलवार को कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एकरेम इमामोग्लू की डिग्री अनियमितताओं के कारण रद्द कर दिया है. इस कदम से विपक्ष को अगले चुनाव में उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने से कुछ दिन पहले झटका लगा है. एकरेम ने इसे साफ-साफ दबाव में लिया गया फैसला बताया है.
तुर्की की राजनीति तेजी से बदल रही है. राष्ट्रपति एर्दोगन और सरकार की एजेंसियां विपक्षी पार्टियों के लिए राष्ट्रपति चुनाव के सारे दरवाजे बंद कर रही है. इसी कड़ी में इस्तांबुल यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से कैंडिडेट माने जा रहे इस्तांबुल के मेयर एकरेम इमामोग्लू की ग्रेजुएशन की की डिग्री को ही 34 साल बाद रद्द कर दिया है. ताजा खबर यह है कि अब तुर्की पुलिस ने एकरेम को गिरफ्तार भी कर लिया है.
राष्ट्रपति एर्दोगन अभी घनघोर एंटी इंकबेंसी झेल रहे हैं. तुर्की की अर्थव्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है. 2023 में यहां महंगाई दर 85 फीसदी तक पहुंच गई थी और राष्ट्रीय मुद्रा लीरा में तेजी से गिरावट दर्ज किया गया था. जिससे जनता में तीव्र असंतोष पैदा हो गया है. 2025 में तुर्की में महंगाई दर 39 फीसदी तक है.
ऐसे माहौल में तुर्की की विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) ने चुनाव से पहले ही सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. लेकिन एर्दोगन ऐसे किसी भी मूवमेंट को कुचलने के लिए तैयार बैठे हैं.
इस्तांबुल विश्वविद्यालय ने मंगलवार को कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की डिग्री अनियमितताओं के कारण रद्द कर दिया है. इस कदम से विपक्ष को अगले चुनाव में उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने से कुछ दिन पहले झटका लगा है. विश्वविद्यालय की डिग्री के बिना इस्तांबुल के मेयर एकरेम इमामोग्लू रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार नहीं बन सकते हैं.
एकरेम इमामोग्लू ने कहा कि विश्वविद्यालय का निर्णय अवैध और उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, और वह इसे कानूनी चुनौती देंगे.
एकरेम इमामोग्लू ने कहा कि कहा, "हम इस अवैध निर्णय को अदालत में ले जाएंगे और इसके खिलाफ लड़ेंगे", लेकिन न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास नहीं है कि निष्पक्ष निर्णय सामने आएंगे."

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