
ट्रंप ने मान लीं रूस की शर्तें तो बदल जाएगा यूक्रेन! मैप में देखें- कैसा दिखेगा जेलेंस्की का देश
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराना चाहते हैं लेकिन पुतिन ने साफ कर दिया है कि वो यूक्रेन के कब्जाए बड़े हिस्सों को नहीं छोड़ेंगे. बदले में वो यूक्रेन के कब्जा किए कुछ छोटे हिस्सों को तैयार हो रहे हैं. अगर उनकी बातें मान ली जाती है को यूक्रेन का पूरा नक्शा बदल जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और सात यूरोपीय नेताओं के बीच मंगलवार सुबह वाशिंगटन डीसी में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इस बैठक से उम्मीद जगी है कि साढ़े तीन सालों से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है. हालांकि, ऐसा लगता है कि युद्ध तो खत्म हो जाएगा लेकिन यूक्रेन को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
ट्रंप की सार्वजनिक टिप्पणियों से पता चलता है कि वो रूसी रुख से सहमत हैं कि युद्ध के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सेना ने यूक्रेन के जिन क्षेत्रों पर कब्जा किया है, शांति वार्ता के हिस्से के रूप में उसे रूस को दे दिया जाए.
ट्रंप ने इससे पहले यूक्रेन को लगभग आत्मसमर्पण करने के लिए ही कह दिया था. उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि अगर वो चाहें तो रूस के साथ युद्ध तुरंत समाप्त कर सकते हैं, या फिर लड़ाई जारी रख सकते हैं.
रूस-यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 युद्ध शुरू हुआ था और वर्तमान में यूक्रेन के लगभग पांचवें हिस्से पर रूस का नियंत्रण है. नीचे दिया गया नक्शा हमें यूक्रेन के युद्धक्षेत्र की वर्तमान स्थिति दिखाता है.
पिछले शनिवार को ट्रंप ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक शिखर वार्ता की थी. अमेरिकी मीडिया में आई इस बैठक की डिटेल्स से पता चलता है कि रूस युद्ध खत्म करने की शर्त के रूप में उत्तरी यूक्रेन के कब्जे वाले हिस्से के छोटे-छोटे हिस्से ही छोड़ेगा. बदले में यूक्रेन को पूर्व में लुहांस्क और दोनेत्स्क प्रांतों के बड़े हिस्से छोड़ने होंगे, जिन पर रूस पूरी तरह से कब्जा नहीं कर पाया है.
इसके बदले में रूस खेरसॉन और जापोरीज्जिया के दक्षिणी क्षेत्रों में फ्रंट लाइन को स्थिर कर देगा, उत्तरी सुमी और उत्तर-पूर्वी खार्किव क्षेत्रों में कब्जे वाली जमीन के छोटे-छोटे हिस्से वापस कर देगा.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








