
ट्रंप के यू-टर्न और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा गारंटी पर पूर्व डिप्लोमैट्स ने जताई चिंता, भारत को दिए ये सुझाव
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं. ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया और पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता दी है. ट्रंप के इस यू-टर्न पर पूर्व डिप्लोमैट्स ने भारत को अहम सुझाव दिए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल भारत के लिए बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा है जिसमें ट्रंप ने पहले भारत पर अतिरिक्त 25% का टैरिफ लगा दिया और वो पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं. वीजा नीतियों में भी उन्होंने बड़े बदलाव किए हैं और प्रवासियों को लेकर बेहद सख्त हैं जिससे भारत को बहुत नुकसान हो रहा है.
अमेरिका में भारत की पूर्व राजदूत मीरा शंकर और फ्रांस, मोनाको में भारत के पूर्व राजदूत जावेद अशरफ ने India Today Conclave, Mumbai में ट्रंप के कार्यकाल में भारत-अमेरिका के बदलते रिश्तों के कई पहलुओं पर बात की.
पूर्व राजदूत मीरा शंकर ने कहा है कि अमेरिका की विदेश नीति बदल रही है जिसमें दोस्तों और दुश्मनों के बीच की रेखा धुंधली हो गई है.
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव मुंबई में बोलते हुए मीरा शंकर ने कहा, 'ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान, चीन को लेकर टफ थे और भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते अच्छे थे. माना गया कि दूसरे में भी वो भारत के साथ ऐसा ही रिश्ता रखेंगे लेकिन मैंने पहले ही कहा था कि वो प्रवासियों को लेकर सख्त रहेंगे, हाई टैरिफ लगाएंगे और दोस्तों, दुश्मनों के बीच की उनकी रेखा धुंधली पड़ जाएगी. इस बार वो अपने दुश्मनों के साथ भी डील कर रहे हैं और दोस्तों को भी निशाने पर ले रहे हैं.'
मीरा शंकर ने आगे कहा कि ट्रंप चीन को अपना आर्थिक प्रतिद्वंद्वी मानते हैं न कि पिछले सभी प्रशासनों की तरह रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी.
उन्होंने कहा कि ट्रंप अमेरिका में नौकरियों की आउटसोर्सिंग को समझ रहे हैं. भले ही अमेरिका में बेरोजगारी 4% के आसपास है लेकिन वहां लोगों की सैलरी कम हुई है. मीरा शंकर ने कहा कि अमेरिका में ये आउटसोर्सिंग अधिकतर भारत और चीन से हो रहा है और ट्रंप इससे निपटना चाहते हैं.

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तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

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