
जिनेवा की धरती से मंडाविया ने WHO को दिखाया आईना, कोरोना मौत वाली रिपोर्ट को बताया निराशाजनक
AajTak
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने विश्व स्वास्थ्य सभा के 75वें सत्र को संबोधित करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन पर निशाना साधा है. कोरोना मौत को लेकर जो आंकड़े जारी किए गए, उस पर भी आपत्ति दर्ज करवाई गई.
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने विश्व स्वास्थ्य सभा के 75वें सत्र को संबोधित करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन को आईना दिखाने का काम किया है. उनकी तरफ से साफ कर दिया गया है कि कोरोना मौतों को लेकर संगठन ने भारत के लिए जो आंकड़े जारी किए थे, वो काफी निराशाजनक और भ्रमित करने वाले रहे.
मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत इस बात पर निराशा और चिंता जाहिर करता है कि WHO द्वारा India’s Statutory Authority के कोरोना मौत के आंकड़ों को दरकिनार किया गया. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद द्वारा सर्वसम्मति के साथ एक प्रस्ताव पारित किया गया है जहां पर WHO के आंकड़ों पर सामूहिक निराशा जाहिर की गई है.
इस सब के अलावा मनसुख मंडाविया ने अपने संबोधन के दौरान पूरी दुनिया के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजेन भी पेश किया. उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया को ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने की जरूरत है जिससे सभी तक समान रूप से वैक्सीन और जरूरी दवाइयां पहुंच सकें. मंडाविया ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोरोना काल में डब्ल्यूएचओ की अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की भी जरूरत है.
अब जानकारी के लिए बता दें कि कुछ समय पहले WHO द्वारा कोरोना मौतों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई थी. उस रिपोर्ट में भारत को लेकर दावा किया गया कि वहां पर दो साल के अंदर कोरोना की वजह से 47 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई. भारत सरकार की तरफ से उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया गया और WHO के मॉडल पर भी सवाल खड़े किए. ये आरोप भी लगाया गया कि भारत की तमाम चिंताओं को WHO ने दरकिनार करते हुए उस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया था.
ऐसे में जब मनसुख मंडाविया को विश्व स्वास्थ्य सभा के 75वें सत्र को संबोधित करने का मौका मिला, उन्होंने उस खास मौके पर WHO को आईना भी दिखाया और पूरी दुनिया के सामने भारत का पक्ष भी रखा.

आज हम आपको अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय हथियारों से रूबरू कराने वाले हैं. कुछ जो इंसान के बचाव के लिए बने हैं और कुछ केवल विनाश के लिए. डोनाल्ड ट्रंप जिस वक्त अमेरिका की ताकत पर इतरा रहे थे, बता रहे थे कि उन्होंने ईरान की ताकत को मिट्टी में मिला दिया है. इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने इजरायल पर आज तक के सबसे बड़े हमले को अंजाम दिया.

कतर के समुद्री इलाके में रविवार को एक बड़ा सैन्य हादसा हो गया. रूटीन ड्यूटी पर निकला एक हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी की वजह से क्रैश होकर समुद्र में जा गिरा. इस दर्दनाक हादसे में कतर और तुर्की सेना के 5 जवानों समेत 2 टेक्नीशियनों की मौत हो गई. दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए गहरा दुख जताया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सुरक्षित और खोलता नहीं है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगा. ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरुआत करते हुए उन्हें नष्ट कर देगा. देखें वीडियो.

मिडिल ईस्ट संकट का असर अब श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है. सरकार ने ईंधन कीमतों में करीब 25% की भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आम जनता और परिवहन क्षेत्र पर दबाव बढ़ गया है. बस ऑपरेटरों ने हड़ताल की चेतावनी दी है, जबकि महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. ऊर्जा संकट ने 2022 जैसी आर्थिक चुनौतियों की यादें ताजा कर दी हैं.









